उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा में पॉलिथीन पर प्रतिबंध, यात्रियों को जूट और कपड़े के बैग में मिलेगा प्रसाद
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने एक
महत्वपूर्ण कदम उठाया है । आपको बता दें अब से धाम में पॉलिथीन के बैग का उपयोग
नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, यात्रियों को पर्यावरण अनुकूल जूट और
कपड़े का बैग मिलेगाबदरीनाथ और केदारनाथ के पावन धाम में यह जो नया बदलाव देखने को
मिलेगा।
इस पहल के साथ, हम न केवल धार्मिक स्थानों की पवित्रता बनाए रखेंगे, बल्कि
पर्यावरण की रक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान दें सकेंगे। इसलिए हम अगर इस बार
उत्तराखण्ड की चार धाम यात्रा पर जा रहे हैं तो हमारा भी दायित्व बनता है कि हम इस
बात का विशेष ध्यान रखें और पॉलिथीन के बैग को उपयोग में लाने की वजह जूट और कपड़े
के बैग का प्रयोग करें ।
आपको बता दें देहरादून में इस बदलाव के लिए एक विशेष प्रशिक्षण
कार्यक्रम शुरू किया गया है। जहाँ, स्वयंसेवी संस्था सरस्वती जनकल्याण एवं
स्वरोजगार संस्थान के कर्मचारियों को प्रसाद के बॉक्स और थैलियां बनाने का
प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिससे यात्रियों द्वारा प्रसाद के लिए जूट और कपड़े की थैलियों को
अपनाने से न केवल पॉलिथीन के उपयोग में कमी आएगी, बल्कि हिमालयी
पर्यावरण की भी रक्षा होगी साथ जी पॉलिथीन मुक्त धाम के लिए एक नई शुरुआत होगी
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने एक
महत्वपूर्ण कदम उठाया है । आपको बता दें अब से धाम में पॉलिथीन के बैग का उपयोग
नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, यात्रियों को पर्यावरण अनुकूल जूट और
कपड़े का बैग मिलेगा
बदरीनाथ और केदारनाथ के पावन धाम में यह जो नया बदलाव देखने को
मिलेगा।
आपको बता दें देहरादून में इस बदलाव के लिए एक विशेष प्रशिक्षण
कार्यक्रम शुरू किया गया है। जहाँ, स्वयंसेवी संस्था सरस्वती जनकल्याण एवं
स्वरोजगार संस्थान के कर्मचारियों को प्रसाद के बॉक्स और थैलियां बनाने का
प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिससे यात्रियों द्वारा प्रसाद के लिए जूट और कपड़े की थैलियों को
अपनाने से न केवल पॉलिथीन के उपयोग में कमी आएगी, बल्कि हिमालयी
पर्यावरण की भी रक्षा होगी साथ जी पॉलिथीन मुक्त धाम के लिए एक नई शुरुआत होगी