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विदेश तक गूंज रही बनारसी पायल की खनक

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भारतीय शास्त्रों में नारी के 16 श्रृंगारों का वर्णन मिलता है। नारी के इस 16 श्रृंगारों में आभूषणों का विशेष महत्त्व है। आज सारी दुनिया में भारतीय परिधानों और आभूषणों ने धूम मचा रखी है। आज हम आपको आभूषणों  के एक नए ट्रेंड के बारे में बता रहे हैं जिसकी डिमांड भारत ही नहीं विदेशो में भी है।


नए ट्रेंड में अब महिलाएं गुलाबी मीनाकारी की ज्वेलरी को पसंद कर रही हैं, जो भारत से लेकर विदेश तक में भेजी जा रही हैं। बनारस की गुलाबी मीनाकारी की ज्वेलरी की खनक भारत नहीं बल्कि विदेश में सुनाई दे रही है।  यही वजह है कि अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, दुबई से मीनाकारी के ज्वेलरी के आर्डर आ रहे हैं।  


दरअसल, गोल्ड महंगा होने के कारण शिल्पियों ने चांदी में गुलाबी मीनाकारी की ज्वेलरी तैयार करने की शुरुआत की है। जो लोगों को खूब पसंद आ रही है।  इन ज्वेलरी में कंगन, चूड़ी, गले का हार, नाक की कील, झुमके, इयररिंग, पायल तैयार की जा रही है।  बड़ी बात यह है कि पायल की भी अपनी अलग डिमांड है।


गुलाबी मीनाकारी से जुड़े नेशनल आर्टिजन कुंज बिहारी सिंह बताते हैं कि, पहली बार गुलाबी मीनाकारी में खास पायल को तैयार किया गया है, जो सबसे अनोखी है और सबसे ज्यादा डिमांड इस पायल की ही है। हमारे पास अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस से पायल की डिमांड आई है।


गुलाबी मीनाकारी बनारस की एक पुश्तैनी कला है, जिसमें नक्काशी के साथ ट्रेडिशनल लुक में मीनाकारी के जरिए गहने को तैयार किया जाता है।  क्योंकि, उसमें गुलाबी रंग की मात्रा ज्यादा होती है, यही वजह है कि इसे गुलाबी मीनाकारी कहा जाता है।