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CM धामी ने शुरू की ‘दिल की बात अंकल धामी के साथ’, 8 लाख से अधिक विद्यार्थी जुड़े

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 देहरादून, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के बच्चों से सीधे जुड़ने और उनकी मन की बात जानने के लिए एक नई पहल शुरू की है। जी हां, ‘दिल की बात अंकल धामी के साथ’ नाम से शुरू की गई इस संवाद श्रृंखला के माध्यम से मुख्यमंत्री अब बच्चों से उनकी पढ़ाई, सपनों, खुशियों और जीवन से जुड़ी बातों पर चर्चा करेंगे। इस राज्यव्यापी कार्यक्रम में आईसीटी वर्चुअल क्लासरूम के माध्यम से प्रदेश के 8 लाख से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक जुड़े।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे उन्हें प्यार से ‘अंकल धामी’ कहते हैं। इसी अपनापन को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने यह पहल शुरू की है, ताकि बच्चों को अपनी बात कहने और अपने विचार साझा करने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य ही प्रदेश का भविष्य है और उनकी भावनाओं तथा सपनों को समझना बेहद जरूरी है।

दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने के प्रसंग को स्मरण करते हुए सभी को दीपोत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने बचपन का एक अनुभव भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वह 11वीं कक्षा में थे, तब उनके हाथ में पटाखा फट गया था। इस घटना से सीख लेते हुए उन्होंने बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पटाखे हमेशा बड़ों की देखरेख में ही जलाएं और खेतों में रखी पराली, घास के ढेर यानी लुट्टों से दूर रहें।

साथ ही सीएम ने बच्चों से दीपावली पर ‘वोकल फॉर लोकल’ को अपनाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि अपने माता-पिता से कहकर स्थानीय कुम्हारों से मिट्टी के दीये, खिलौने और मूर्तियां खरीदें। इससे स्थानीय कारीगरों को रोजगार मिलेगा और गरीब परिवारों की दीपावली भी खुशियों से रोशन होगी।

स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साफ-सफाई को अपनी प्रतिदिन की आदत बनाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर छात्राओं की सुविधा के लिए पिंक टॉयलेट्स की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।

बच्चों को सफलता का मंत्र देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में लक्ष्य तय करने के बाद उससे पीछे नहीं हटना चाहिए। उनका कहना था कि संकल्प में विकल्प आने से लक्ष्य कमजोर पड़ जाता है। इसलिए जो लक्ष्य तय किया है, उसे पूरा करने के लिए पूरी मेहनत और लगन से जुट जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी पूरी एकाग्रता रखने की सलाह दी।

मुख्यमंत्री ने ‘मेरे सपनों का उत्तराखण्ड’ निबंध प्रतियोगिता में 2.5 लाख बच्चों की भागीदारी पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की भागीदारी यह दिखाती है कि प्रदेश के युवा अपने राज्य के भविष्य को लेकर जागरूक हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि बच्चों के विचारों और सपनों से उत्तराखंड का भविष्य और बेहतर बनेगा।

सीएम ने यह भी बताया कि आने वाले समय में इस संवाद कार्यक्रम को दोतरफा बनाया जाएगा, जिसमें विद्यार्थी भी सीधे सवाल पूछ सकेंगे और अपने विचार रख सकेंगे। बच्चों से लगातार जुड़े रहने के लिए सोशल मीडिया पर ‘Uncle Dhami’ नाम से Instagram और Facebook पेज भी शुरू किए गए हैं।

कार्यक्रम में शिक्षा सचिव ज्योति यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा रावत, संयुक्त निदेशक गोविंद जायसवाल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे।