मेरठ, उत्तर प्रदेश
अपराधियों के विरुद्ध चल रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जी हां, स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और लोहियानगर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। यह फैक्ट्री कब्रिस्तान के पास एक मकान के तहखाने में छिपाकर चलाई जा रही थी। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में तैयार और अधबने हथियार बरामद किए हैं। इस कार्रवाई में कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें असलम, अलाउद्दीन, अनस, शक्ति, मुनीर और आरिश जैसे मुख्य आरोपी शामिल हैं। वहीं गिरोह के 8 अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
एसएसपी अविनाश पांडेय के अनुसार, यह फैक्ट्री बेहद गुप्त तरीके से संचालित की जा रही थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा, जहां बड़ी संख्या में पिस्टल और उन्हें बनाने के उपकरण मिले। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यहां केवल ऑर्डर मिलने पर पिस्टल बनाई जाती थी। एक पिस्टल की कीमत 35 हजार से 60 हजार रुपये तक होती थी। हाल ही में 8 लोगों ने यहां से पिस्टल खरीदी थी, जिनकी तलाश भी पुलिस कर रही है।
बरामद सामान में 8 तैयार पिस्टल (.32 बोर), 3 अधबनी पिस्टल, 12 मैगजीन, हथियार बनाने के उपकरण, 3 कार और 7 मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह काफी समय से इलाके में सक्रिय था और चोरी-छिपे हथियारों की सप्लाई कर रहा था। इस कार्रवाई से अपराधियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।



