प्रयागराज
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा IIIT इलाहाबाद के ऑडिटोरियम में रक्षाबंधन उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी तथा कार्यक्रम अध्यक्ष संस्थान के निदेशक मुकुल शरद सुतावणे जी रहे।
मुकुल शरद सुतावणे जी ने कहा कि रक्षाबंधन अब केवल भाई-बहन तक सीमित नहीं रह गया है, यह अबल और सबल के बीच सुरक्षा और संरक्षण का पर्व बन गया है। डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि इतिहास में बड़े‑बड़े सामाजिक आंदोलनों के दौरान लोग गंगा तट पर एक‑दूसरे को रक्षा सूत्र बाँधकर एकता और समर्पण का संकल्प लेते रहे हैं। धर्म किसी एक व्यक्ति द्वारा आरम्भ नहीं किया गया, धर्म वे सार्वभौमिक मूल्य हैं जो समाज को जोड़ते हैं। “ध्वज धर्म का प्रतीक है – हम भगवा ध्वज को रक्षा सूत्र बाँध कर धर्म की रक्षा का संकल्प लेते हैं। ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’।”
उन्होंने कहा कि भारत एक बहुभाषी, बहु-धार्मिक और बहु-सांस्कृतिक देश है, जिसमें विविधता को जोड़कर रखने वाला तत्व धर्म ही है। विदेशी आक्रमणों और विभाजन के कारण सामाजिक बिखराव आया, पर संघ का प्रयास इन तोड़-फोड़ के बीच समाज में एकता और बंधुता स्थापित करना रहा है। संघ ने रक्षाबंधन को पारंपरिक भाई‑बहन के रिश्ते से ऊपर उठाकर वंचितों, वनवासियों और गिरिवासियों के प्रति अपनत्व और सुरक्षा का संकल्प बनाया है।
सह सरकार्यवाह जी ने वर्तमान सामाजिक परिदृश्य पर चिंता व्यक्त की और कहा कि भौतिक समृद्धि के साथ-साथ मन की गरीबी बढ़ती जा रही है। उन्होंने अपार्टमेंट संस्कृति और अकेलेपन की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमें आत्मीयता और सामाजिक जुड़ाव को प्रोत्साहित करना होगा ताकि समाज की पवित्रता बनी रहे।
समारोह में मंच पर विभाग संघचालक डॉ. कृष्ण पाल जी तथा नगर संघचालक रामेश्वर जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 1500 से अधिक कार्यकर्ता और नागरिकों ने सहभागिता की।



