कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की तैयारी तेज
कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित, व्यवस्थित और
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य सचिव आनंद
बर्धन ने संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा प्रबंधन और
सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि मेले से पहले ही सभी
जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेजी से और प्रभावी तरीके से
कार्रवाई की जा सके।
हर सेक्टर के लिए
होगा इवैक्युएशन प्लान
मुख्य सचिव ने पूरे
कुंभ मेला क्षेत्र के लिए सेक्टर-वाइज इवैक्युएशन प्लान तैयार करने के निर्देश
दिए। इसके साथ ही क्राउड मैनेजमेंट, ट्रैफिक, फायर कंट्रोल और
इमरजेंसी रिस्पॉन्स को जोड़कर एक समेकित आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी।
भूकंप, बाढ़ और सीबीआरएन
जैसी संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए स्पष्ट एसओपी तैयार की जाएगी। जरूरी
उपकरणों की उपलब्धता के साथ उनका नियमित रखरखाव और कर्मचारियों की ट्रेनिंग भी
सुनिश्चित की जाएगी।
मॉक ड्रिल से परखी
जाएगी तैयारियां
मेले के दौरान भीड़ बढ़ने वाले समय को ध्यान में रखते हुए नियमित मॉक ड्रिल आयोजित की जाएंगी। इन ड्रिल माध्यम से वैकल्पिक रास्तों, इवैक्युएशन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को परखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर कम से कम समय में मदद पहुंचाई जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए एटीएस को भी सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही AIऔर आधुनिक तकनीक के प्रयोग से मेले से जुड़ी सूचनाओं और अनुभवों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाएगा।
मजबूत होगी संचार
और कंट्रोल रूम व्यवस्था
कुंभ मेले में बढ़ती भीड़ को देखते हुए मोबाइल नेटवर्क और संचार व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मोबाइल टावर और अन्य संचार सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
अफवाहों पर रोक
लगाने के लिए प्रभावी सूचना तंत्र विकसित करने और कंट्रोल रूम को और मजबूत बनाने
के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ तैयारियों को समय
पर पूरा करने पर जोर दिया गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि कुंभ मेला-2027 बड़े स्तर का आयोजन है। ऐसे में सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम वातावरण मिल सके और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।



