रामपुर, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के रहने वाले लक्की कुमार ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बावजूद नौकरी की राह छोड़कर मुर्गीपालन को अपना व्यवसाय बनाया और आज इससे अच्छी कमाई कर रहे हैं। जी हां लक्की कुमार ने आईएफटीएम यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई खत्म होने के बाद उन्होंने नौकरी करने के बजाय अपना खुद का काम शुरू करने का फैसला लिया। उन्हें आसपास के लोगों से मुर्गीपालन का आइडिया मिला। पहले उन्होंने इस काम के बारे में पूरी जानकारी ली, फिर सही योजना बनाकर इसकी शुरुआत की।
कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग मॉडल से कर रहे हैं मुर्गीपालन
लक्की इस समय कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग मॉडल के तहत
मुर्गीपालन कर रहे हैं। इस मॉडल में कंपनी उन्हें करीब 5 हजार मुर्गी के बच्चे
मुफ्त में देती है। किसान को बच्चों की कीमत नहीं देनी होती। करीब 40 दिन बाद जब
मुर्गियां तैयार हो जाती हैं, तो उन्हें वापस कंपनी को दे दिया जाता है।
किसान की जिम्मेदारी सिर्फ देखभाल और मैनेजमेंट
इस मॉडल में किसान को जगह, शेड, बिजली और पानी की व्यवस्था खुद करनी होती है। साथ ही साफ-सफाई, समय पर दाना-पानी देना, दवाइयां और सही तापमान बनाए रखना जरूरी होता है। लक्की बताते हैं कि अगर शुरुआती 10-15 दिन सही तरीके से निकल जाएं, तो आगे काम आसान और मुनाफे वाला हो जाता है।
हर महीने हो रही है अच्छी कमाई
लक्की ने बताया कि खर्च निकालने के बाद उन्हें हर महीने करीब एक लाख रुपये तक का मुनाफा हो जाता है। कंपनी से मिलने वाला पैसा मुर्गियों के वजन और परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है। बेहतर देखभाल से मुनाफा और बढ़ जाता है। लक्की कुमार युवाओं को सलाह देते हैं कि मुर्गीपालन शुरू करने से पहले पूरी जानकारी लें, कंपनी का एग्रीमेंट अच्छे से समझें और साफ-सफाई और तापमान पर खास ध्यान दें। उनके अनुसार, यह काम गांव के युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का अच्छा साधन बन सकता है।



