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निपुण भारत मिशन में बड़ा बदलाव, चौथी-पांचवीं के बच्चे पढ़ेंगे समाचार पत्र

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश


बच्चों की पढ़ाई को रोचक और उपयोगी बनाने के लिए निपुण भारत मिशन के तहत एक नई पहल शुरू की गई है। रिपोर्ट के अनुसार,  अब कक्षा 4 और 5 के विद्यार्थियों को अखबार पढ़ने, उसे समझने और अपने विचार लिखने का अभ्यास भी कराया जाएगा। इससे बच्चों की पढ़ने, समझने, सोचने और लिखने की क्षमता पहले से बेहतर होगी।

जी हां, बेसिक शिक्षा विभाग ने इस नई व्यवस्था को निपुण भारत मिशन के विस्तारित स्वरूप में शामिल किया है। हालांकि बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के शैक्षणिक कैलेंडर में समाचार पठन पहले से मौजूद था, लेकिन अब इसे कक्षा 4 और 5 के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।

नई व्यवस्था के तहत कक्षा 4 के बच्चे समाचार पत्र, बाल साहित्य और कहानियां पढ़ेंगे। इसके बाद वे पढ़ी गई सामग्री से जुड़े सवालों के जवाब देंगे और किसी समाचार, कहानी या घटना पर 6 से 8 वाक्यों में अपने विचार लिखेंगे।

वहीं कक्षा 5 के विद्यार्थियों को समाचार पत्र और अन्य गद्य सामग्री पढ़ने के बाद अपने अनुभव के आधार पर 10 से 12 वाक्यों में संदेश, पत्र, कहानी या कविता लिखने का अभ्यास कराया जाएगा। साथ ही उन्हें किसी अनुच्छेद को पढ़कर उससे जुड़े कम से कम 75 प्रतिशत प्रश्नों के सही उत्तर देने की क्षमता भी विकसित करनी होगी।

निपुण भारत मिशन के तहत बाल वाटिका से लेकर कक्षा 5 तक प्रत्येक कक्षा के लिए पढ़ने और लिखने के स्पष्ट लक्ष्य तय किए गए हैं। शुरुआती कक्षाओं में सरल शब्द और छोटे वाक्य पढ़ने-लिखने पर जोर रहेगा, जबकि बड़ी कक्षाओं में भाषा की समझ, अभिव्यक्ति और रचनात्मक लेखन को बढ़ावा दिया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने निपुण अभियान के विस्तार और नए सीखने के लक्ष्यों से जुड़े दिशा-निर्देश सभी जिलों को जारी कर दिए हैं। इस पहल से बच्चों में नियमित पढ़ने की आदत विकसित होगी और उनकी भाषा के साथ-साथ सामान्य ज्ञान भी मजबूत होगा।