मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश
आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपने दम पर पहचान बना रही हैं। मुरादाबाद में भी महिलाएं समूह बनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही हैं। इसी कड़ी में कुछ महिलाओं ने रेबड़ी की गजक बनाने का काम शुरू किया है, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है। यह प्रयास न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास भी दे रहा है। मुरादाबाद में महिलाओं का एक स्वयं सहायता समूह रेबड़ी की गजक तैयार कर रहा है, जिसकी बाजार में काफी अच्छी मांग है। महिलाएं मिलकर यह काम कर रही हैं और इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है।
समूह की अध्यक्ष तान्या ने बताया कि उनका “अर्चित स्वयं सहायता समूह” है, जिसमें 10 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। यह समूह गुड़ और तिल से रेबड़ी की गजक तैयार करता है। उन्होंने बताया कि उनकी गजक की मांग इतनी ज्यादा है कि लोग सीधे उनके घर से भी खरीदने आते हैं। सर्दी के मौसम में गजक की बिक्री और भी बढ़ जाती है। महिलाएं जगह-जगह स्टॉल लगाकर भी अपनी गजक बेचती हैं। मुरादाबाद शहर के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी उनकी गजक की अच्छी डिमांड है।
मुनाफे की बात करें तो इस काम से हर महिला को महीने में करीब 10 से 12 हजार रुपये की कमाई हो जाती है। कुल मिलाकर समूह को 1 लाख रुपये से ज्यादा का काम मिल जाता है, जिसे सभी महिलाएं आपस में बांट लेती हैं। इस काम से महिलाएं बहुत खुश हैं। वे खुद तो आत्मनिर्भर बनी ही हैं, साथ ही अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ने का काम कर रही हैं। तान्या का कहना है कि अगर महिलाएं चाहें तो इस तरह का छोटा व्यवसाय शुरू कर सकती हैं और सरकार की मदद से अच्छा मुनाफा कमा सकती हैं। यह प्रयास महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है और दिखाता है कि मेहनत और एकजुटता से आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है।



