सनातन परंपरा की छांव में, वैदिक मंत्रोच्चारण की पवित्रता के बीच एक प्रेम कहानी ने नया अध्याय लिखा। जी हां, नजीबाबाद की रहने वाली मुस्कान खान ने स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाते हुए बरेली निवासी कुणाल के साथ विवाह किया। यह विवाह बरेली स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया।
आश्रम के आचार्य पंडित केके शंखधार द्वारा पहले
विधि-विधान से शुद्धिकरण संस्कार कराया गया, जिसके बाद मुस्कान ने सनातन परंपराओं को स्वीकार किया। इसके
उपरांत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि को साक्षी मानकर दोनों का विवाह संपन्न
हुआ।
मुस्कान ने बताया कि उनकी आस्था लंबे समय से
भगवान राधा-कृष्ण में रही है और सनातन परंपराओं के प्रति उनका झुकाव पहले से था।
उन्होंने अपनी इच्छा से सनातन धर्म को अपनाया। बता दें मुस्कान खान और बरेली निवासी कुणाल एक-दूसरे को
लगभग चार वर्षों से जानते थे। अलग-अलग धर्म से होने के कारण उनके संबंध को परिवार
की स्वीकृति नहीं मिल पाई। ऐसे में मुस्कान ने अपनी इच्छा के अनुसार जीवन का
निर्णय लेने का मार्ग चुना और घर वापसी की।



