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थारू परिवारों को जमीन का अधिकार, योगी सरकार की बड़ी पहल

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लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश

भारत-नेपाल सीमा के पास चंदन चौकी में आयोजित कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने हजारों थारू और पूर्वांचल के परिवारों को जमीन का मालिकाना हक दिया। कुल 4345 थारू और 2350 अन्य परिवारों को भूमि अधिकार पत्र मिले।

उत्तर प्रदेश सरकार ने समाज के कमजोर और लंबे समय से वंचित वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित चंदन चौकी में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने हजारों थारू परिवारों को जमीन का मालिकाना हक दिया। इस दौरान 4345 थारू परिवारों और पूर्वांचल के 2350 परिवारों को भूमि अधिकार पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये केवल कागज नहीं हैं, बल्कि यह इन परिवारों की पहचान और आत्मनिर्भरता का प्रमाण हैं। उन्होंने बताया कि वर्षों से इन लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया था, लेकिन अब सरकार ने यह काम पूरा कर दिया है।

उन्होंने कहा कि इस निर्णय से हजारों परिवार अब सम्मान के साथ जीवन जी सकेंगे और अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने विकास और कानून-व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि अब प्रदेश में रोजगार और उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्टयोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है और प्रदेश आगे बढ़ रहा है।


कार्यक्रम के दौरान सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर वर्ग के हित में काम कर रही है। साथ ही थारू समुदाय से जुड़े पुराने मामलों को वापस लेने का फैसला भी लिया गया है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। इस अवसर पर राज्य के मंत्री अरुण सक्सेना और नितिन अग्रवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने इस पहल को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि इससे हजारों परिवारों को नया जीवन और सम्मान मिला है।