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अभेद होगी रामनगरी की सुरक्षा, घाट के किनारे रहने वालों का वेरीफिकेशन शुरू

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 अयोध्या। 

-सुरक्षा एजेंसियों ने संभाली जिम्मेदारी, सुरक्षित माहौल देने की तैयारी 

-सीसीटीवी और ड्रोन से हो रही है निगरानी


इस बार अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि लाखों श्रद्धालु और पर्यटक सुरक्षित माहौल में पर्व का आनंद ले सकें। रामनगरी की सुरक्षा को अभेद बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। खासतौर पर घाटों के किनारे और प्रमुख स्थलों के पास रहने वाले लोगों का वेरिफिकेशन भी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है।


घाटों के किनारे रहने वालों का वेरिफिकेशन-

दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में सरयू नदी के किनारे लाखों श्रद्धालु दीये जलाने और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेने आते हैं। ऐसे में घाटों के किनारे रहने वाले लोगों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। पुलिस प्रशासन स्थानीय निवासियों और किरायेदारों की पृष्ठभूमि की जांच कर रहा है।

सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी-

घाटों और मुख्य स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे 24/7 निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन का उपयोग कर सुरक्षा का आकलन किया जाएगा। इन तकनीकों से पूरे आयोजन स्थल की निगरानी में मदद मिलेगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी।

स्पेशल कमांडो और एटीएस की तैनाती-

उत्तर प्रदेश एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) के साथ-साथ स्पेशल कमांडो दस्ते भी तैनात रहेंगे। ये कमांडो विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किए जाएंगे। साथ ही, एटीएस की टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करेंगी।


बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड-

घाटों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर बम निरोधक दस्तों को तैनात किया गया है, जो नियमित रूप से चेकिंग करेंगे। इसके अलावा, डॉग स्क्वॉड भी सक्रिय रहेगा, जो संदिग्ध वस्तुओं या गतिविधियों की पहचान करने में मदद करेगा।

आगंतुकों के लिए प्रवेश और निकास व्यवस्था-

इस बार दीपोत्सव में भीड़ के प्रबंधन के लिए विशेष प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं, ताकि भीड़-भाड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी प्रकार की भगदड़ की स्थिति न बने। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष बैरिकेडिंग और मार्गदर्शन के संकेत लगाए हैं।

सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम-

दीपोत्सव के दौरान किसी भी इमरजेंसी स्थिति में संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर और कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इन हेल्पलाइन नंबर्स के जरिए श्रद्धालु और पर्यटक सुरक्षा एजेंसियों से तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगे। 

सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य-

इस बार का दीपोत्सव अयोध्या में विशेष रूप से भव्य और बड़ा होने वाला है, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इस विशाल जनसमूह की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। सुरक्षा व्यवस्थाओं का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दीपोत्सव बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो, और श्रद्धालु भगवान राम की नगरी अयोध्या में इस पर्व का आनंद ले सकें। इस प्रकार की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था से अयोध्या की सुरक्षा अभेद रहेगी और दीपोत्सव में श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल मिलेगा।