मोहाली। मोहाली की एक अदालत ने महिला के यौन उत्पीड़न से संबंधित मामले में पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बजिंदर सिंह के खिलाफ यह मामला 2018 में जीरकपुर पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। बजिंदर सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाने के लिए सजा) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दोषी ठहराया गया था। दोषी ठहराए जाने के बाद 42 वर्षीय पादरी को पटियाला जेल ले जाया गया।
बजिंदर सिंह को जुलाई 2018 में दिल्ली एयरपोर्ट से उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब वह लंदन जाने की कोशिश कर रहा था। बाद में उसे जमानत पर छोड़ दिया गया था। वह ‘द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विज्डम’ नामक संस्था से जुड़ा हुआ है और खुद को चमत्कारी पादरी बताकर बीमारियों को ठीक करने के दावे करता है। उसके वीडियो भी अक्सर सोशल मीडिया पर प्रमोशन कर वायरल किए जाते।
जिस मामले में पादरी बजिंदर सिंह को सजा हुई उस मामले में पीड़िता की शिकायत पर बजिंदर सिंह सहित सात लोगों के खिलाफ जीरकपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
पादरी की काली करतूत
रिपोर्ट्स के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि बजिंदर सिंह ने उसे विदेश ले जाने का वादा करके बहकाया और मोहाली के सेक्टर 63 स्थित अपने आवास पर उसके साथ दुष्कर्म किया और उसका वीडियो भी बना लिया। उसने आरोप लगाया था कि आरोपी ने धमकी दी थी कि अगर वह उसकी मांगें नहीं मानेगी तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देगा।
एक अन्य मामले में मोहाली पुलिस ने 25 मार्च को पादरी के खिलाफ मारपीट और अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया था। इससे कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर पादरी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कथित तौर पर एक महिला से बहस कर रहा था और उसे थप्पड़ मार रहा था।