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युवा ही भारत की असली ताकत, राष्ट्र निर्माण में दें योगदान – रामदत्त चक्रधर जी

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संतकबीरनगर

संतकबीरनगर में  बनियाबारी स्थित कृष्णा पैलेस में ‘संवाद से विचार, विचार से निर्माण तथा युवा से राष्ट्र का उत्थान’ विषय पर आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर जी ने कहा कि देश के 38 करोड़ युवा भारत की असली ताकत हैं। इन्हीं युवाओं के कंधों पर भारत का भविष्य टिका है। युवा शिक्षित, शालीन एवं संस्कारवान बनें और अपनी ऊर्जा देश तथा समाज के उत्थान में लगाएं। युवाओं को राष्ट्रभक्ति के ज्वार को राष्ट्रशक्ति में परिवर्तित करना होगा।

उन्होंने युवाओं से शिक्षित, शालीन एवं संस्कारवान बनकर अपनी ऊर्जा राष्ट्र और समाज के उत्थान में लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही भारत को पुनः जगतगुरु के स्थान पर प्रतिष्ठित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को महर्षि अरविंद, शहीद भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों एवं महापुरुषों को अपना आदर्श बनाना चाहिए। केवल महापुरुषों के जीवन को पढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके विचारों एवं आदर्शों को अपने जीवन में उतारना आवश्यक है। अपने से बड़ों का अपमान करना अथवा उन्हें गाली देना भारतीय संस्कार नहीं है। भारतीय संस्कृति युवाओं को सम्मान, संयम और कर्तव्यबोध की शिक्षा देती है।

सह सरकार्यवाह जी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी अपनी मातृभूमि, धर्म और परंपराओं की रक्षा एवं संवर्धन के लिए सकारात्मक भूमिका निभाए। युवा अपनी ऊर्जा को सही दिशा देकर समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करें। युवाओं को भी राष्ट्र निर्माण के इस कार्य में अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध पर्वतारोही रजनी साव ने की। संवाद कार्यक्रम के अंतिम चरण में युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में असीमित ऊर्जा और सामर्थ्य है। आवश्यकता इस बात की है कि युवा इस ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में करें। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे संवाद में सुनी गई बातों को केवल सुनने तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। युवा संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।