प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त मेडिकल कॉलेज स्थित प्रीतम दास मेहता प्रेक्षागृह में आयोजित युवा व्यवसायी सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने युवा व्यवसायियों का आह्वान किया कि वे आर्थिक विकास के साथ सांस्कृतिक विकास के भी संवाहक बनें। स्वामी विवेकानंद जी का उद्धरण देते हुए कहा कि भारत के व्यवसायियों ने विदेश में जाकर व्यापार के साथ संस्कृति का भी प्रचार किया है। संस्कृति तथा व्यवसाय में सन्तुलन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि युवा व्यवसायी इस विमर्श को आगे बढाएं।
सरकार्यवाह जी ने कहा कि संघ का किसी से विरोध नहीं है। संघ भारत की एकता का पुजारी है। भारत की एकता के विरुद्ध कोई गतिविधि होती है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। परतंत्रता कल में राष्ट्रीय एकता की भावना कुछ कमजोर हुई, लेकिन आज भारत करवट ले रहा है। कई क्षेत्रों में भारत उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। कुछ तत्व क्षेत्रवाद, भाषावाद के नाम पर देश में अलगाववाद की भावना को हवा देने का प्रयास समय-समय पर करते हैं। इससे राष्ट्रीय एकता कमजोर होती है। इस दिशा में सभी को जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम समारोह नहीं संवाद करते हैं। इसी क्रम में शताब्दी वर्ष में मातृशक्ति, विद्यार्थी तथा व्यवसायियों से संवाद का अभियान चल रहा है। संघ ने हिन्दू समाज के विभिन्न पंथ, संप्रदाय, जाति- बिरादरी के प्रमुखों से भी राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की है। गृह संपर्क अभियान के जरिए करोड़ों परिवारों तक संघ के कार्यकर्ता पहुंच चुके हैं। व्यक्ति को समाज से जोड़ने का काम तथा धर्म संस्कृति के उत्थान का अभियान शताब्दी वर्ष में चल रहा है। इसके माध्यम से राष्ट्र के प्रति स्वाभिमान का भाव भरने के लिए प्रयत्नशील है। देशवासी इतिहास से सबक लेकर आगे बढ़ें, यह भी संघ का प्रयत्न है। सरकार्यवाह जी ने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई दी और कहा कि सत्यमेव जयते ही गणतंत्र की पहचान है।
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर बीके पांडे ने कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में संघ की भूमिका महत्वपूर्ण है। आज हर क्षेत्र में संघ के स्वयंसेवक अपनी रचनात्मक भूमिका निभा रहे हैं। समाज को प्रेरणा देने का काम संघ कर रहा है। उन्होंने अतिथियों का स्वागत भी किया। मंच पर सह प्रांत संघचालक प्रोफेसर राणा कृष्ण पाल उपस्थित रहे।



