ज्वालापुर , उत्तराखण्ड
आज की डिजिटल दुनिया में सोशल मीडिया ने जहां लोगों
को जोड़ने का माध्यम बनाया है, वहीं यह अपराधियों के लिए भी एक नया मंच बन चुका है। सोशल मीडिया पर बनती
दोस्तियां कई बार मासूमियत से शुरू होती हैं लेकिन कब धोखे में बदल जाएं, पता नहीं चलता। ज्वालापुर से आई
एक ताजा घटना न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि यह ऑनलाइन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जी हां मिली जानकारी के
अनुसार ज्वालापुर में एक युवक पर अपनी पहचान छिपाकर हिन्दू नाबालिग लड़की को प्रेम
जाल में फंसाने, उसके साथ दुष्कर्म करने और बाद में मतांतरण के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप
लगा है। बता दें ज्वालापुर के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में
बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी की करीब दो साल पहले इंस्टाग्राम पर 'मोनू' नाम के युवक से दोस्ती हुई थी।
आरोपी ने खुद को हिन्दू बताकर नाबालिग लड़की से बात
शुरू की। आरोपी अपनी सफेद रंग की कार में नाबालिग को स्कूल या घर से ले जाता था।
आरोप है कि उसने शादी का झांसा देकर कार के अंदर ही नाबालिग के साथ कई बार
दुष्कर्म किया।
कुछ समय पहले हिन्दू नाबालिग लड़की को पता चला कि
आरोपी का असली नाम शेख समीर है और वह हिन्दू नहीं है। पीड़िता के पिता का
आरोप है कि सच्चाई सामने आने के बाद आरोपी ने उनकी बेटी पर मानसिक दबाव बनाना शुरू
कर दिया। आरोपी उसे मतांतरण के लिए उकसा रहा था और तरह-तरह के प्रलोभन दे रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए
ज्वालापुर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी के
खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सोशल मीडिया आज जितना ताकतवर माध्यम है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है
यदि इसका प्रयोग सोच-समझकर न किया जाए। इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर अनजान लोगों से निजी
बातें साझा करना, मिलने जाना या भरोसा कर लेना यह सब बहुत सोच-समझकर ही किया जाना चाहिए। यह
घटना एक उदाहरण है कि ऑनलाइन दोस्ती असल जिंदगी में कितना बड़ा धोखा बन सकती है।
यह सिर्फ एक लड़की की कहानी नहीं है यह हर उस युवा के लिए चेतावनी है जो सोशल मीडिया
पर आंख मूंदकर विश्वास करते हैं। इस घटना से यह सीख मिलती है कि डिजिटल रिश्तों
में भी वही सतर्कता जरूरी है जो असल जीवन में बरती जाती है। समाज को चाहिए कि
पीड़ित का साथ दे और ऐसे अपराधों के खिलाफ आवाज बुलंद करे।



