नई दिल्ली
भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन जी ने उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में श्याम जाजू और अनुपम त्रिवेदी द्वारा लिखित पुस्तक “आरएसएस @100: एक सदी संकल्प की” का विमोचन किया।
उपराष्ट्रपति जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर प्रकाशित पुस्तक के विमोचन समारोह में भाग लेना उनके लिए व्यक्तिगत सम्मान की बात है, जिसके साथ उनका लंबे समय से जुड़ाव रहा है। संघ पर लिखी एक तमिल कविता की चर्चा करते हुए कहा कि यह कविता संगठन की तुलना पवित्र गंगा नदी से करती है, जो निःस्वार्थ भाव से दूसरों के कल्याण के लिए बहती है, और यह सेवा भाव का प्रतीक है, जिसने संघ को उसकी शताब्दी यात्रा में मार्गदर्शन दिया है।
उन्होंने कहा कि संघ की यात्रा भारत की सांस्कृतिक जड़ों, विरासत और परंपराओं को पुनर्जीवित करने, सुदृढ़ करने और पुनर्निर्माण करने की रही है। पुस्तक के शीर्षक की चर्चा करते हुए कहा कि इन आदर्शों ने स्वयंसेवकों की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। सेवा समाज के प्रति निःस्वार्थ समर्पण को दर्शाती है; एकता उन बंधनों को मजबूत करती है जो भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता से परे हैं; और त्याग हमें याद दिलाता है कि स्थायी संस्थान समर्पण, दृढ़ता और निस्वार्थ प्रयासों से ही बनते हैं।
उन्होंने शाखा को “आत्मा की कार्यशाला” बताया, जहाँ युवाओं की कच्ची ऊर्जा को राष्ट्रीय चरित्र में ढाला जाता है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक का सार प्रत्येक व्यक्ति को सौंपी गई जिम्मेदारी की गरिमा को समर्पण और उत्कृष्टता के साथ निभाकर उसे बढ़ाना है।
सीपी राधाकृष्णन जी ने कहा कि संघ ने भारत की सभ्यतागत विरासत, विविध परंपराओं, भाषाओं और आध्यात्मिक विचारों में गौरव की भावना को बढ़ावा देकर सांस्कृतिक निरंतरता और राष्ट्रीय चेतना को निरंतर प्रोत्साहित किया है। शताब्दी वर्ष लाखों स्वयंसेवकों के समर्पण को स्वीकार करने का अवसर है। संस्थाएं तभी कायम रहती हैं, जब उनमें दृढ़ विश्वास, प्रतिबद्धता और आम लोगों की बड़े उद्देश्यों के लिए काम करने की इच्छाशक्ति हो।
कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी, आरएसएस उत्तर क्षेत्र संघचालक पवन जिंदल जी, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय, लेखक द्वय श्याम जाजू और अनुपम त्रिवेदी तथा प्रभात प्रकाशन के प्रबंध निदेशक प्रभात कुमार सहित अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।



