• अनुवाद करें: |
मुख्य समाचार

PM मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी

  • Share:

  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

जींद, हरियाणा

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मिली हरी झंडी, रेल सफर होगा और भी स्वच्छ

भारतीय रेलवे लगातार आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे रूट पर चलेगी।

बता दें, यह ट्रेन सामान्य इलेक्ट्रिक ट्रेनों की तरह ऊपर लगी बिजली की तारों से बिजली नहीं लेती। इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से ट्रेन के अंदर ही बिजली तैयार होती है। इस प्रक्रिया में केवल पानी की भाप और गर्मी निकलती है, जिससे प्रदूषण नहीं होता।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेन में हाइड्रोजन लीक, आग, धुआं और अधिक गर्मी का पता लगाने वाले आधुनिक सुरक्षा सिस्टम लगाए गए हैं। वहीं रेलवे के अनुसार, यह ट्रेन फिलहाल 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, जबकि इसकी अधिकतम डिजाइन स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा है।


भारत की यह हाइड्रोजन ट्रेन 10 डिब्बों वाली है, जिसमें करीब 2,600 यात्री सफर कर सकेंगे। इसे दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोजन ट्रेन माना जा रहा है। वहीं, जींद में देश का सबसे बड़ा रेलवे हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग प्लांट भी बनाया गया है, जहां ट्रेन में हाइड्रोजन भरने की सुविधा उपलब्ध है।

10 कोच वाली ये ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर चलेगी. इस बीच 14 स्टेशन पड़ेंगे. ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 75 किमी प्रति घंटा रहेगी. इसका किराया 5 से 25 रुपये के बीच रखा गया है. ट्रेन 89 किलोमीटर का सफर करीब 2 घंटे में पूरा करेगी.

भारतीय रेलवे भविष्य में कालका-शिमला जैसे हेरिटेज रूट पर भी हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की योजना बना रहा है। रेलवे का मानना है कि यह पहल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।