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उत्तर प्रदेश बनेगा AI का नया केंद्र, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार और नवाचार के नए रास्ते

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश को आधुनिक तकनीक और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश AI मिशन (UP-AIM) को मंजूरी दी गई है। यह पहल युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और सरकारी सेवाओं को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

हर जिले में खुलेगा AI केंद्र, पांच लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य

बता दें, योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में जिला AI केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके माध्यम से पांच लाख युवाओं को AI का प्रशिक्षण देने, 50 हजार विशेषज्ञ तैयार करने और AI पर आधारित 100 से अधिक समाधान विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री AI फेलोशिप के तहत प्रत्येक जिले में एक AI फेलो को एक वर्ष के लिए तैनात करने का प्रस्ताव है। इसके लिए  40 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किया गया है।

200 से अधिक AI लैब से मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करने के लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक, विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेजों में 200 से अधिक AI कौशल लैब स्थापित की जाएंगी। इन लैब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और रोबोटिक्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से एक लाख तकनीकी विद्यार्थियों को प्रमाणित करने का लक्ष्य है।

225 करोड़ रुपये से मजबूत होगा AI का बुनियादी ढांचा

उत्तर प्रदेश AI मिशन के लिए 225 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मिशन के  अंतर्गत यूपी AI स्टैक नाम से एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से विभिन्न सरकारी विभाग सुरक्षित तरीके से डेटा साझा कर सकेंगे और AI आधारित सेवाओं एवं समाधानों को विकसित करने के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे। साथ ही, 100 स्टार्टअप को आर्थिक और अन्य प्रकार की सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।

किसानों से लेकर विद्यार्थियों तक को मिलेगा लाभ

AI मिशन के अंतर्गत कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों के  अनुसार आधुनिक तकनीकी समाधान तैयार किए जाएंगे। इससे सरकारी सेवाओं को अधिक तेज, सरल और प्रभावी बनाने में सहायता मिल सकती है। यूपीजीपीटी के माध्यम से सरकारी कामकाज में सहायता लेने और नागरिकों को उनकी क्षेत्रीय भाषा में सूचनाएं उपलब्ध कराने की भी योजना है।

शोध, स्टार्टअप और नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन

मिशन के तहत AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से शोध परियोजनाओं, नवाचार  प्रतियोगिताओं और हैकाथन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा, स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रोत्साहित करने के साथ सुरक्षित एआई के उपयोग, डिजिटल बुनियादी ढांचे और जिला स्तर पर तकनीकी सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया जाएगा।

तकनीकी शिक्षा और डिजिटल विकास की दिशा में बड़ा कदम

उत्तर प्रदेश AI मिशन प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक कौशल सीखने, नए विचारों पर काम करने और तकनीकी उद्यम शुरू करने के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, सरकारी सेवाओं में AI के प्रयोग से प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इस मिशन का संचालन सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अंतर्गत एक स्वतंत्र सोसाइटी के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए शीर्ष निकाय, शासी निकाय और कार्यकारी समिति गठित की जाएगी।