आगरा, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के आगरा में पर्यावरण संरक्षण का एक अनोखा मॉडल देखने को मिल रहा है। जी हां दयालबाग शिक्षण संस्थान (DEI) में एग्रीवोल्टेइक सोलर सिस्टम लगाया गया है, जिससे बिजली भी बनती है और उसी जगह खेती भी की जाती है। यह प्रयोग दिखाता है कि सीमित जगह में भी प्रकृति के साथ मिलकर विकास किया जा सकता है।बता दें दयालबाग शिक्षण संस्थान और इसके आसपास की कॉलोनियां सबके लिए उदाहरण बन चुके हैं। यहां ईंधन से चलने वाले वाहनों पर सख्त रोक है। लोग अधिकतर साइकिल या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करते हैं। इससे कार्बन उत्सर्जन बहुत कम होता है और हवा स्वच्छ बनी रहती है। डीईआइ नियमित रूप से वायु गुणवत्ता की जांच करता है। दयालबाग क्षेत्र का AQI अधिकतर मध्यम स्तर पर ही रहता है। वर्ष 1915 में स्थापित दयालबाग सत्संगी कॉलोनी आज एक आत्मनिर्भर और हरियाली से भरा क्षेत्र बन चुकी है। लगभग 6.55 वर्ग किलोमीटर में फैले इस इलाके में सात से आठ हजार लोग रहते हैं।



