गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
भारत के
गौरवशाली इतिहास, वीरों के बलिदान और देशभक्ति की भावना को मंच पर
जीवंत करने वाली काव्य-नाट्य प्रस्तुति ‘भारत गौरव गाथा’ ने दर्शकों को भावुक कर
दिया। 90 मिनट की इस प्रस्तुति में भारत के संघर्ष, शौर्य और संस्कृति की प्रेरक
झलक देखने को मिली।
जी हां, भारत माता
सांस्कृतिक संस्थान के तत्वावधान में हिंदी भवन में आयोजित काव्य-नाट्य प्रस्तुति
‘भारत गौरव गाथा’ का मंचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता और शहीदों के
पूजन तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभागार ‘भारत माता की
जय’, ‘वंदे
मातरम्’ और ‘जय हिंद’ के नारों से गूंजता रहा।
अंतरराष्ट्रीय
कवि विनीत चौहान की रचना पर आधारित इस प्रस्तुति में मुगलकाल के संघर्ष, गुरु
गोबिंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान, रानी लक्ष्मीबाई की वीरता, 1857 की
क्रांति, भगत सिंह
और उनकी मां की अंतिम मुलाकात, वीर सावरकर के जीवन और पुलवामा के शहीदों को
भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। विनीत चौहान ने मुख्य सूत्रधार की भूमिका निभाई, जबकि
कलाकारों ने अपने अभिनय से ऐतिहासिक पात्रों को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम
के मुख्य अतिथि गुरु पवन सिन्हा रहे। आयोजन का संयोजन ललित जायसवाल ने किया। इस
अवसर पर गुरु माँ (पावन चिंतन धारा आश्रम), राज कौशिक, प्रवीण
शुक्ल, संदीप भोला, सुभाष गर्ग, हिमांशु लव, अमरदत्त
शर्मा सहित साहित्य, संस्कृति और कला जगत से जुड़े अनेक लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने दर्शकों में राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और भारतीय संस्कृति
के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।



