मेरठ, उत्तर प्रदेश
अगर इंसान के भीतर कुछ कर दिखाने की लगन हो, तो मुश्किल हालात भी रास्ता बन जाते हैं। ऐसी ही एक कहानी मेरठ की रजनी की है, जिन्होंने अपने रुचि को पहचान कर उसे सफलता का माध्यम बनाया और आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई।
बताते चलें कि मेरठ की रहने वाली रजनी को शुरू से ही अचार बनाने का बहुत शौक था। शादी के बाद भी उन्होंने यह शौक नहीं छोड़ा। वह मौसम के अनुसार अचार बनाकर आसपास की महिलाओं को देती थीं। उनका अचार सबको बहुत पसंद आता था और महिलाएं अक्सर उनसे कहती थीं कि उन्हें अचार का बिजनेस शुरू करना चाहिए। उस समय रजनी इस बात को मजाक में टाल देती थीं। लेकिन जब पति का काम ठीक से नहीं चला और घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी, तब रजनी ने अपने हुनर को काम में लाने का निर्णय किया और उन्होंने जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से अचार बनाने की ट्रेनिंग ली और सरकारी योजना के तहत लोन लेकर करीब पांच साल पहले अपने कारोबार की शुरुआत की।
वहीं शुरुआत में कई चुनौतियां आईं, लेकिन रजनी ने हार नहीं मानी और आज उनके साथ 16 महिलाएं काम कर रही हैं, जबकि सीजन के अनुसार करीब 200 महिलाओं को वह रोजगार दे चुकी हैं। रजनी अब अपने इस कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए मथुरा और वृंदावन में भी अपने स्टॉल शुरू करने की तैयारी कर रही हैं।
30 से ज्यादा तरह के अचार
रजनी आवंला, कटहल, नींबू, मिर्च, आम, गाजर, मूली, सेब सहित 30 से अधिक तरह के अचार बनाती हैं। उनके अचार की मांग देशभर से आती है। उनके पति भी अपने काम के साथ-साथ इस बिजनेस में उनका पूरा सहयोग करते हैं। रजनी की यह कहानी सिद्ध करती है कि अगर आत्मविश्वास और मेहनत हो, तो महिलाएं न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाती है।



