देहरादून, उत्तराखण्ड
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई शीतकालीन यात्रा की पहल अब असर दिखा रही है। पिछले वर्ष से शुरू हुई इस यात्रा ने पहाड़ों में सर्दियों की वीरानी को काफी हद तक खत्म कर दिया है। और आस्था के इस नए रास्ते पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। चारधाम के शीतकालीन गद्दीस्थलों पांडुकेश्वर-ज्योतिर्मठ, ऊखीमठ, मुखबा और खरसाली में देश-विदेश से यात्री दर्शन के लिए आ रहे हैं। चारधाम के कपाट बंद होने के बाद से अब तक कुल 34,140 यात्री इन स्थलों में दर्शन कर चुके हैं।
बता दें इस बार सबसे ज्यादा श्रद्धालु केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ पहुंचे हैं। चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के अनुसार यहां अब तक 20,338 यात्री दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा ज्योतिर्मठ, खरसाली और मुखबा में भी रोजाना श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। प्रतिदिन करीब एक से डेढ़ हजार यात्री शीतकालीन गद्दीस्थलों में पहुंच रहे हैं।
बताते चलें कि, शीतकालीन यात्रा का असर केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं है। बल्कि राज्य के पर्यटक स्थलों में भी अच्छी खासी चहल-पहल देखने को मिल रही है। सर्दियों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्नो लेपर्ड टूर और टूर एंड ट्रैवल्स कॉन्क्लेव जैसे आयोजनों पर भी काम किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है और पहाड़ों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।



