लखनऊ
लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित पर्वतीय महा परिषद भवन में रविवार को एक भव्य हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। यह सम्मेलन श्रीराम बस्ती, गोमती नगर विस्तार की हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता और समरसता का संदेश देना था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरी थीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता और आपसी सहयोग है। उन्होंने प्रेम, भाईचारे और आपसी समझ को समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार बताया। साथ ही, महंत दिव्या गिरी ने लोगों से जागरूक रहने और अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान किया।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता धीरेंद्र ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की 100 वर्षों की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ ने अनेक चुनौतियों के बावजूद देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखा है। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष में लिए गए ‘पंच परिवर्तन’ के संकल्पों की जानकारी दी और बताया कि ये संकल्प समाज को आत्मनिर्भर बनाने और राष्ट्र को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम हैं।



