मेरठ
इस अवसर पर ऋषिकेश से पधारे परम पूज्य महंत लोकेश दास जी महाराज ने समाज की एकता पर बल देते हुए कहा कि संगठित समाज ही सशक्त समाज होता है। उन्होंने भारत की संत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए सभी को परस्पर सहयोग, सद्भाव और जागरूकता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। अपने वक्तव्य में उन्होंने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि समाज को सजग रहकर अपनी संस्कृति और मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।
कार्यक्रम में परम पूज्य साध्वी डॉ. प्राची दीदी (विश्व हिन्दू परिषद्) का भी स्वागत किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने समाज में जागरूकता, संस्कृति संरक्षण, और युवाओं को सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कुछ सामाजिक चुनौतियों और घटनाओं का उल्लेख करते हुए समाज को संगठित रहने और अपनी परंपराओं के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान कुछ वक्ताओं ने अपने भाषणों में समकालीन सामाजिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए विभिन्न पहनावे और पहचान से जुड़े उदाहरण भी दिए, जिनका उद्देश्य समाज को जागरूक रहने का संदेश देना था।
समापन पर उपस्थित जनसमूह ने “भारत माता की जय” और “जय श्री राम” के उद्घोष के साथ वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। यह सम्मेलन हिन्दू समाज में एकता, सेवा, संस्कार और संगठन के संदेश के साथ सम्पन्न हुआ।



