• अनुवाद करें: |
मुख्य समाचार

कौशल को नई उड़ान देगी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0

  • Share:

  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

अयोध्या, उत्तर प्रदेश

पारंपरिक कारीगरों और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 शुरू की है। योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को अपने हुनर को और बेहतर बनाने के लिए निःशुल्क 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।

साथ ही प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को प्रतिदिन 500 रुपये, यानी कुल 5,000 रुपये का मानदेय सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण अवधि में निःशुल्क भोजन और नाश्ते की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

प्रशिक्षण पूरा करने वाले कारीगरों को 15,000 रुपये तक की उन्नत टूलकिट निःशुल्क प्रदान की जाएगी। साथ ही सरकारी मान्यता प्राप्त कौशल प्रमाण-पत्र भी मिलेगा। इससे कारीगरों के हुनर को औपचारिक पहचान मिलेगी और उन्हें बाजार में बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

स्वरोजगार के लिए आसान ऋण की सुविधा

बता दें, योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता मार्जिन मनी ऋण सुविधा है। स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

सामान्य श्रेणी के पुरुष लाभार्थियों को परियोजना लागत का केवल 10 प्रतिशत, जबकि महिलाओं, ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांगजन और भूतपूर्व सैनिकों को केवल 5 प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करनी होगी। शेष राशि पर 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है। 

CGTMSE योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को बिना गारंटी ऋण की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे अपना काम शुरू करने या उसे आगे बढ़ाने में आर्थिक मदद मिलेगी।

25 ट्रेड में मिलेगा कौशल प्रशिक्षण

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के तहत कुल 25 ट्रेड शामिल किए गए हैं। इनमें पारंपरिक और आधुनिक, दोनों तरह के रोजगार से जुड़े कौशल शामिल हैं।

यह योजना पारंपरिक कारीगरों के हुनर को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर उपकरण और वित्तीय सहयोग से जोड़कर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई संभावनाएं खोलने का प्रयास है।