अयोध्या, उत्तर प्रदेश
जहाँ भगवान श्रीराम की स्मृति है, वहाँ दीप केवल प्रकाश नहीं आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक हैं। इसी भाव के साथ अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के लिए तैयार हो रही है। जी हां, इस वर्ष रामनगरी में 10वां दीपोत्सव 5 से 7 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा।
राम की पैड़ी सहित करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में 33
लाख मिट्टी के दीप जलाए जाएंगे। लाखों दीपों की रोशनी से सरयू तट और अयोध्या के
मंदिरों का दृश्य अद्भुत और मनमोहक होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव को भव्य और
व्यवस्थित बनाने की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। दीपों को जलाने के लिए करीब 65
लाख बातियों और 55 हजार लीटर तेल की व्यवस्था की जा रही है।
राम की पैड़ी पर विशेष मंच बनाया जाएगा, जहां
विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रमुख मंदिरों को एलईडी लाइटों से
सजाया जाएगा और सरयू तट से लेकर आसपास के घाटों तक विशेष प्रकाश व्यवस्था की
जाएगी।
यह दृश्य केवल आंखों को आकर्षित करने वाला नहीं होगा, बल्कि भगवान श्रीराम की नगरी की गौरवशाली परंपरा और सनातन संस्कृति का जीवंत दर्शन भी कराएगा।बता दें, इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में करीब 34 हजार वालंटियर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ये स्वयंसेवक दीप प्रज्वलन, श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे।
दीपोत्सव में शामिल होने वाले करीब 34 हजार छात्रों के भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है। इससे युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु जब लाखों दीपों से सजी रामनगरी का दर्शन करेंगे, तो उन्हें अयोध्या की आध्यात्मिक शक्ति के साथ-साथ उसकी बदलती और विकसित होती तस्वीर भी दिखाई देगी। सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।



