आगरा, उत्तर प्रदेश
सीमा पर निगरानी रखना हो, दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखनी हो या फिर जोखिम भरे इलाकों में सामान पहुंचाना हो ड्रोन इन सभी कामों में सैनिकों की जान बचाने के साथ-साथ मिशन को सफल बनाने में मदद कर रहे हैं। इसी तकनीक के क्षेत्र में शहर के एक युवा उद्यमी ने देश के लिए मिसाल पेश की है। प्रफुल्ल गौतम ने ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि प्राप्त की है। उन्होंने अपनी कंपनी ‘ड्रोबोनेशन’ के माध्यम से भारतीय सेना को सर्विलांस ड्रोन, ग्रेनेड ड्रॉपिंग ड्रोन और भारी वजन उठाने वाले ड्रोन उपलब्ध कराए हैं। ये ड्रोन गुणवत्ता में बेहतरीन होने के साथ-साथ किफायती भी हैं, जिससे सेना को आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
प्रफुल्ल गौतम को बचपन से ही देश के लिए कुछ बड़ा करने का सपना था। उनके पिता चाहते थे कि वे शिक्षक बनें, लेकिन प्रफुल्ल की रुचि तकनीक में थी। इसी रुचि के चलते उन्होंने वर्ष 2019 में दयालबाग शिक्षण संस्थान में बैचलर ऑफ वोकेशनल (ड्रोन टेक्नोलॉजी) कोर्स में दाखिला लिया। यहां प्रो. सी. पटवर्धन उनके मार्गदर्शक बने। शुरुआत में उनसे छात्र घबराते थे, लेकिन प्रफुल्ल ने हिम्मत दिखाते हुए साफ कहा कि वे ड्रोन तकनीक में कुछ नया और बेहतर करना चाहते हैं। प्रो. पटवर्धन ने उन्हें ड्रोन की बारीकियां सिखाईं और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
वर्ष 2020 में
कोविड काल के दौरान ही प्रफुल्ल ने ‘ड्रोबोनेशन’ कंपनी की शुरुआत
की। आज यह कंपनी करोड़ों के कारोबार तक पहुंच चुकी है। कंपनी में 12 युवाओं की टीम
दिन-रात मेहनत कर रही है। प्रफुल्ल का लक्ष्य है कि भारतीय सेना को उच्च गुणवत्ता
वाले ड्रोन कम कीमत पर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि देश सुरक्षित रहे और युवा आत्मनिर्भर बन सकें।



