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विभिन्न पूजा पद्धतियां, अनेक भाषाएं, अनेक पंथ होने के बावजूद भारतीय समाज एक है – सुरेश सोनी जी

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भोपाल

मातृभाषा मंच द्वारा आयोजित मातृभाषा समारोह 2026 के अंतिम दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश सोनी जी ने कहा कि मातृभाषा मंच विगत 8 वर्षों से समाज जागरण का लक्ष्य केंद्रित कर कार्य कर रहा है। इस विषय को समझने के लिए किसी भाषण की आवश्यकता नहीं है, यह अनुभव का विषय है जो आप यहां लगी प्रदर्शनियों के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका मूल स्वर भारत एक है, भारतीय समाज एक है।

उन्होंने कहा कि यह संघ का शताब्दी वर्ष है। जिस प्रकार शंकराचार्य जैसे महान आत्मक सभी जीव-जंतु, पशु-पक्षी में एक भगवान मानते हैं। इसी तरह भारत के गांव में रहने वाला एक सामान्य नागरिक भी यह समझता है कि भगवान एक है, उसके रूप अनेक हैं। विभिन्न पूजा पद्धतियां, अनेक भाषाएं, अनेक पंथ होने के बावजूद भारतीय समाज एक है। अलग-अलग प्रांतों के कारण, भाषा के कारण, पंथ के कारण इतिहास में जो हुआ, आगे ऐसी स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए मातृभाषा मंच के माध्यम से सामाजिक समरसता के लिए कार्य हो रहा है।

सायंकालीन कार्यक्रम के आरंभ में संत रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण कर भक्ति पूर्ण जीवन गाथा चलचित्र के माध्यम से प्रस्तुत की गई। उसके पश्चात राम जन्मभूमि को लेकर संघर्ष, चुनौतियां, और मंदिर निर्माण की विजय यात्रा चलचित्र के माध्यम से दर्शकों के समक्ष रखी गई।

मातृभाषा मंच के संयोजक अमिताभ सक्सेना जी ने बताया कि यह आयोजन वर्ष 2018 से किया जा रहा है। समापन सत्र में संघ शताब्दी वर्ष पर केंद्रित राष्ट्र सर्वोपरि की भव्य प्रस्तुति मोहित सेवानी जी एवं समूह द्वारा दी गई।