चमोली, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड के चमोली जिले में आज श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल
देखने को मिला। पंचकेदारों में शामिल चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ की पवित्र डोली
अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर से रुद्रनाथ धाम के लिए रवाना हुई। वैदिक
मंत्रोच्चार, पारंपरिक पूजा-विधि और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच पूरा
क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
सुबह से ही गोपीनाथ मंदिर में स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भगवान रुद्रनाथ के दर्शन करने और डोली को कंधा
देने के लिए भक्तों में खास उत्साह देखने को मिला। डोली यात्रा के दौरान कई
श्रद्धालु भावुक भी नजर आए। वहीं पारंपरिक वाद्य यंत्रों और आर्मी बैंड की धुनों
पर लोग नाचते-गाते भगवान शिव की भक्ति में डूबे दिखाई दिए।
रवानगी से पहले भगवान रुद्रनाथ का विशेष जलाभिषेक और भव्य श्रृंगार
किया गया। इसके बाद डोली अपने तय पड़ावों से होते हुए ऊंचे हिमालयी बुग्यालों के
रास्ते रुद्रनाथ धाम के लिए रवाना हुई। रास्ते में गांव-गांव के लोगों ने फूल और
अक्षत बरसाकर भगवान का स्वागत किया और सुख-समृद्धि की कामना की।
समुद्र तल से करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 18 मई सुबह 11 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। धार्मिक मान्यता है कि यहां भगवान शिव के मुख स्वरूप के दर्शन होते हैं। कठिन ट्रेकिंग मार्ग होने के बावजूद हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पावन यात्रा में शामिल होते हैं।
रुद्रनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही अब ग्रीष्मकालीन पूजा-अर्चना
विधिवत शुरू हो जाएगी। इसके लिए मंदिर समिति और प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां
पूरी कर ली हैं।



