लखनऊ
उत्तर प्रदेश
के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखी।
उन्होंने बहन-बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प दिलाते हुए कहा कि रक्षाबंधन
भाई की कलाई पर बंधने वाला रक्षा-सूत्र मात्र नहीं,
बल्कि स्नेह, विश्वास और संकल्प का
पावन पर्व है। यह परिवार को जोड़ता है,
समाज में आत्मीयता जगाता है और सनातन संस्कारों
की सुदृढ़ परंपरा का प्रतीक है।
सीएम योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण की उंगली
से रक्त बहता देख द्रौपदी ने साड़ी का किनारा फाड़कर बांधा था। द्रौपदी के स्नेह
का प्रत्युत्तर श्रीकृष्ण ने संकट के समय उनकी रक्षा करके दिया। उन्होंने कहा कि
नई पीढ़ी के लिए संस्कारों को आचरण का हिस्सा बनाना पहले से अधिक जरूरी है।
संस्कार परिवारों को सुदृढ़ करते हैं और समाज को एकजुट रखते हैं। समानता, बंधुता और सामाजिक
समरसता के भाव को हमारे संस्कार सशक्त करते हैं।
उन्होंने कहा कि रक्षा का भाव एक
संवेदनशील सरकार के संकल्प में भी दिखाई देता है। बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन
सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिशन शक्ति और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
से बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा
और प्रगति को गति मिली है।
माताओं-बहनों के लिए निःशुल्क बस यात्रा
सीएम योगी ने कहा कि रक्षाबंधन पर
माताओं-बहनों के लिए 27
से 29
अगस्त तक निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से रक्षाबंधन पर
माताओं-बहनों के लिए शुरू हुई निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा इस वर्ष भी जारी
रहेगी।
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि प्रत्येक बहन-बेटी के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लें। सुरक्षाबलों, पुलिसकर्मियों और आपदा राहतकर्मियों को रक्षा-सूत्र बांधकर कृतज्ञता जताएं। स्थानीय स्तर पर निर्मित राखियों और उपहारों को प्राथमिकता दें। स्थानीय राखियों को बढ़ावा देने से श्रम, कौशल और उद्यम को प्रोत्साहन मिलेगा।



