- प्राचीन धरोहरों की प्राचीनता का होगा निर्धारण
- यहां 68 तीर्थ, 19 कूप, 36 पुरे और 52 सरायों का उल्लेख मिलता
संभल। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने संभल में प्राचीन धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का सर्वेक्षण किया। यह सर्वेक्षण शुक्रवार सुबह 6 बजे से शुरू होकर शाम 3:30 बजे तक चला। सर्वे का उद्देश्य संभल की प्राचीन धरोहरों की प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व को उजागर करना है। एएसआई ने संभल के 19 प्राचीन कूपों और 5 तीर्थों का सर्वे किया। खग्गू सराय स्थित शिव मंदिर और परिसर में मौजूद प्राचीन कुएं के नमूने कार्बन डेटिंग के लिए लिए गए। इसके साथ ही अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भी अध्ययन किया गया।
सर्वेक्षण किए गए कूप और तीर्थ स्थल -
1. चतुर्मुख ब्रह्म कूप: ग्राम आलम सराय
2. अमृत कूप: कूप मंदिर, दुर्गा कॉलोनी
3. अशोक कूप: मोहल्ला हल्लू सराय
4. सप्तसागर कूप: सर्थलेश्वर मंदिर, मोहल्ला कोट पूर्वी
5. बलि कूप: कूचे वाली गली
6. धर्म कूप: हयातनगर
7. ऋषिकेश कूप: शिव मंदिर, मोहल्ला कोट पूर्वी
8. परासर कूप: कल्कि मंदिर के पास, मोहल्ला कोट पूर्वी
9. अकर्ममोचन कूप: कोतवाली के सामने, मोहल्ला ठेर
10. धरणि बाराह कूप: जामा मस्जिद चौकी के नीचे, मोहल्ला कोट गर्वी
11. भद्रका आश्रम तीर्थ: होज भदेसरा
12. स्वर्गदीप तीर्थ/सती मठ: गांव जलालपुर मोहम्मदाबाद
13. चक्रपाणि तीर्थ: गांव जलालपुर मोहम्मदाबाद
14. प्राचीन कूप: एक रात वाली मस्जिद के पास, मोहल्ला कोट गर्वी
15. प्राचीन कूप: जामा मस्जिद परिसर, मोहल्ला कोट गर्वी
16. प्राचीन कूप: बाल विद्या मंदिर के सामने, मोहल्ला चमन सराय
17. प्राचीन कूप: न्यारियों वाली मस्जिद, मोहल्ला खग्गू सराय
18. प्राचीन कूप: गद्दियों वाला मोहल्ला, कोट पूर्वी
19. प्राचीन कूप: सेठों वाली गली, मोहल्ला कोट पूर्वी
20. प्राचीन कूप: एजेंटी चौराहे के पास, मोहल्ला डूंगर सराय
21. प्राचीन मंदिर व कूप: मोहल्ला खग्गू सराय
22. प्राचीन तीर्थ / श्मशान / मंदिर: आर्य कोल्ड स्टोर के पास, अजीजपुर असदपुर
सर्वेक्षण का उद्देश्य -
डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया के अनुरोध पर एएसआई ने यह सर्वेक्षण शुरू किया। उनका कहना है कि संभल का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। यहां 68 तीर्थ, 19 कूप, 36 पुरे और 52 सरायों का उल्लेख मिलता है। ये कूप जल संरक्षण और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कार्बन डेटिंग के माध्यम से इन स्थलों की प्राचीनता निर्धारित की जाएगी। यह प्रक्रिया धरोहरों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सर्वेक्षण की प्रक्रिया -
चार सदस्यीय टीम ने पहले दिन 9 घंटे तक कार्य किया। खग्गू सराय स्थित शिव मंदिर और प्राचीन कुएं के नमूने लिए गए। इसके अलावा टीम ने शहर के विभिन्न मोहल्लों और गांवों में स्थित कूप और तीर्थों का विस्तृत सर्वे किया।
डीएम का बयान -
डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा,
"संभल धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। एएसआई द्वारा किए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी। यदि आवश्यकता पड़ी, तो टीम को दोबारा बुलाया जाएगा।"
संभल की धरोहर को संरक्षित करने की पहल -
यह सर्वेक्षण क्षेत्र की प्राचीन धरोहरों को संरक्षित करने और उनके महत्व को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एएसआई की रिपोर्ट आने के बाद इन स्थलों के संरक्षण और उनके ऐतिहासिक महत्व को स्थापित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।