चमोली, उत्तर प्रदेश
कड़ी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी सपना सच किया जा सकता है। कर्णप्रयाग के बरसाली गांव के अनुराग पुरोहित ने अपनी लगन और निरंतर प्रयास से इसका शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने सिद्ध कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।
बता दें, अनुराग पुरोहित ने इस वर्ष नीट परीक्षा में 720 में से 655 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया 1202वीं रैंक प्राप्त की है। इसमें अहम बात यह है कि वह पहले से ही देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र हैं, लेकिन अपने पसंदीदा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में प्रवेश पाने का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार सफलता हासिल कर ली।
जानकारी के अनुसार, श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, कर्णप्रयाग से इंटरमीडिएट करने वाले अनुराग ने चार बार नीट परीक्षा दी, जिनमें दो बार उन्हें सफलता मिली। उन्होंने अपनी तैयारी के लिए मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया। साथ ही पुस्तकों और ऑनलाइन माध्यम से जरूरी जानकारी और मार्गदर्शन लेकर लगातार मेहनत करते रहे।
अनुराग एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। उनके पिता अशोक पुरोहित का निधन हो चुका है। इसके बाद उनकी माता गीता देवी ने सब्जी की दुकान चलाकर परिवार की जिम्मेदारी संभाली और अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। अनुराग की छोटी बहन भी पढ़ाई कर रही है। विद्यालय के प्रधानाचार्य बीबी डोभाल ने अनुराग की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से परिवार, विद्यालय और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा है कि कठिन परिस्थितियां कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं।



