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दादा लाड और भारतभूषण दास जी महाराज को मिलेगा ‘पूजनीय श्री गुरुजी पुरस्कार’

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पुणे

कृषिभूषण श्रीरंग देवबा लाड (दादा) और वाराणसी के आचार्य श्री महंत भारतभूषण दास जी महाराज को इस वर्ष का ‘पूजनीय श्री गुरुजी पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा। ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जनकल्याण समिति’ द्वारा यह पुरस्कार प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।

यह पुरस्कार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक मा. स. गोलवलकर (श्री गुरुजी) की जयंती के अवसर पर दिया जाता है। जनकल्याण समिति के कार्यवाहक राजन गोऱ्हे ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में पुरस्कारों की घोषणा की। सम्मान पत्र, सम्मान चिन्ह और एक लाख रुपये पुरस्कार के रूप में प्रदान किए जाते हैं। अनुसंधान क्षेत्र का पुरस्कार दादा लाड और सामाजिक जागरूकता क्षेत्र का पुरस्कार भारतभूषण दासजी महाराज को प्रदान किया जाएगा।

पुरस्कार 14 फरवरी को सिम्बायोसिस विमाननगर स्थित एसवीसी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा। प्रसिद्ध उद्योगपति डॉ. अभय फिरोदिया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी मुख्य वक्ता होंगे।

कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए दादा लाड द्वारा किया गया अनुसंधान महत्वपूर्ण है। दादा लाड प्रौद्योगिकी अनुसंधान को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने भी मान्यता प्रदान की है। ज्वार, गेहूं, सोयाबीन और तुअर की बुआई तथा पैदावार बढ़ाने के लिए भी दादा लाड ने महत्वपूर्ण अनुसंधान किए हैं। लाल कंधारी नस्ल की स्वदेशी गायों का संरक्षण उनके कार्यों का एक और महत्वपूर्ण पहलू है।

आचार्य श्री महंत भारतभूषण दास जी महाराज का सामाजिक प्रबोधन का कार्य अनेक वर्षों से जारी है। संत गुरु रविदास द्वारा दिए गए संदेश को जनमानस तक पहुँचाकर समाज को जोड़ने का उनका कार्य विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली आदि राज्यों में लक्षणीय रूप से जारी है। समाज में भेदभाव और कुप्रथाओं को समाप्त करने के लिए लोगों को शिक्षित करने का निरंतर प्रयास भारतभूषण दास जी महाराज कर रहे हैं।

जनकल्याण समिति के सेवा कार्य

जनकल्याण समिति द्वारा महाराष्ट्र में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पूर्वांचल विकास और दिव्यांग कल्याण, इन पांच प्रमुख क्षेत्रों में 17 प्रमुख सेवा परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें मुख्य रूप से आठ शहरों में पूर्वांचल छात्रावास परियोजनाएं, अस्पताल, स्वास्थ्य परामर्श, काउंसलिंग, मरीज सेवाएं, तीन रक्त केंद्र, पुणे में एक सेवा भवन, सेरेब्रल पाल्सी विकास केंद्र, सिकल सेल और थैलेसीमिया परियोजना, दिव्यांगों के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और तीन जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र शामिल हैं।