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ज्ञानेश्वरी हमें दुनिया को देखने और जीवन को समझने का ज्ञान देती है – डॉ. मोहन भागवत जी

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सरसंघचालक मोहन भागवत जी ने ‘ज्ञानरंग : ज्ञानेश्वरी’ ऐप का लोकार्पण किया

संत ज्ञानेश्वर महाराज के ७५०वें जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘वैल्युएबल ग्रुप’ द्वारा प्रस्तुत और ‘मेराक इवेंट्स’ द्वारा आयोजित ‘ज्ञानरंग : माऊलींच्या ओव्यांचा उत्सव’ (अर्थात माऊली के पदों का उत्सव) समारोह शुक्रवार को प्रभादेवी स्थित रवींद्र नाट्यमंदिर में संपन्न हुआ। समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने ‘ज्ञानरंग : ज्ञानेश्वरी’ नामक विशेष मोबाइल ऐप का लोकार्पण किया।

समारोह में सरसंघचालक जी ने कहा कि ज्ञानेश्वरी हमें दुनिया को देखने और जीवन को समझने का ज्ञान देती है। काल का संदर्भ बदल जाने पर भी यह ज्ञान और उससे उपजी संस्कृति बनी रहती है। ज्ञानेश्वरी कल, आज और कल भी मार्गदर्शक है। प्रत्येक व्यक्ति को ज्ञानेश्वरी का कम से कम एक श्लोक/पद का अनुभव करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दुनिया का जीवन शाश्वत है और दुनिया को किस तरह से देखा जाए, जीवन को कैसे समझा जाए, यह ज्ञान हमें सिखाती है। यह ज्ञान हर जगह एक ही है। हर कालखंड में महापुरुषों ने इस ज्ञान को अपने काल के संदर्भ में प्रस्तुत किया। काल बदला, परिस्थितियां बदलीं, फिर भी ज्ञान का मूल स्वरूप और उससे निर्मित संस्कृति कायम है।

विदेशी आक्रमणों के काल में भक्ति के आधार पर भारतीय समाज टिका रहा और समृद्ध हुआ। यह बताते हुए उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक घटक तक यह ज्ञान पहुँचना चाहिए। आज विश्व का पथप्रदर्शन करने की जिम्मेदारी भारत की है। ज्ञानेश्वरी भारत की ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है और इसे नई पीढ़ी तक तथा दुनिया भर के जिज्ञासुओं तक पहुँचाना आवश्यक है।

आज के आधुनिक माध्यमों का उपयोग करके यह धरोहर नई पीढ़ी तक पहुँचे, इस भावना से ‘ज्ञानरंग : ज्ञानेश्वरी’ ऐप तैयार किया गया है। भक्ति, ज्ञान और आधुनिक तकनीक का सुंदर संगम इस उपक्रम के माध्यम से साधा गया है। इस ऐप के माध्यम से संत ज्ञानेश्वर के पद दैनिक जीवन में सुने, पढ़े और समझे जा सकेंगे। पद सुनते समय ही शब्दों के साथ उन्हें पढ़ा भी जा सकेगा। इस ऐप की संकल्पना वैल्युएबल ग्रुप के प्रबंध निदेशक अमेय हेते की है।

‘संपूर्ण ज्ञानेश्वरी श्रवण’ मालिका का शुभारंभ

समारोह में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों सहित ‘संपूर्ण ज्ञानेश्वरी श्रवण’ नामक श्रृंखला YouTube पर प्रसारित की। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जिनके लिए ज्ञानेश्वरी पढ़ना संभव नहीं हो पाता, उन्हें यह सहजता से सुनने को मिले, यही इस उपक्रम के पीछे मुख्य प्रयोजन है।

इस उपक्रम की परिकल्पना तथा ज्ञानेश्वरी का पठन रेणुका देशकर ने किया है और श्रीमद्भगवद्गीता का पठन श्रीनिवास वर्णेकर ने किया है।

‘ज्ञानरंग : ज्ञानेश्वरी’ ऐप के आधिकारिक लोकार्पण समारोह से पहले संत ज्ञानेश्वर की अलौकिक रचनाओं पर आधारित मंत्रमुग्ध करने वाले संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। सुप्रसिद्ध गायक प्रथमेश लघाटे, मुग्धा वैशंपायन और केतकी चैतन्य ने संत ज्ञानेश्वर के विभिन्न पदों और संगीत रचनाओं को प्रस्तुत किया।

वरिष्ठ भाष्यकार डॉ. संजय उपाध्ये ने माऊली के साहित्य पर अध्ययनपरक भाष्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन मिलिंद कुलकर्णी ने किया।