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नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत: पीएम मोदी

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100 सप्ताह का नशामुक्ति अभियान बनेगा जन आंदोलन, नशे से दूर रहें युवा, विकसित भारत के निर्माण में निभाएं भूमिका : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। यह अभियान अगले 100 सप्ताह तक देशभर में चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से इस अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने और नशे के खिलाफ जनजागरण का हिस्सा बनने की अपील की।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब देश के युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वासी और नशे जैसी घातक आदतों से मुक्त होंगे। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र से जुड़ा राष्ट्रीय संकल्प है।

प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से नशे और ड्रग्स के खतरों को समझने और उससे दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के जीवन को ही नहीं, उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करती है। इसलिए जागरूकता और समय पर हस्तक्षेप बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बड़े परिवर्तन सामूहिक प्रयासों से आते हैं। अकेले प्रयास करते समय निराशा हो सकती है, लेकिन जब करोड़ों लोग मिलकर अभियान चलाते हैं तो नई ऊर्जा पैदा होती है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह अभियान युवाओं के मन को अवश्य छुएगा।

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने उन्हें भारत की ‘अमृतपीढ़ी’ बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले 20-25 वर्षों में यही युवा अपने जीवन को दिशा देने के साथ भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। देश को उनकी ऊर्जा, कल्पनाशक्ति और प्रतिभा की आवश्यकता है, इसलिए युवाओं का नशामुक्त रहना अत्यंत आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले 100 रविवार नशामुक्त भारत की दिशा में 100 मजबूत कदम होंगे। उन्होंने परिवारों से अपील की कि यदि कोई बच्चा नशे की चपेट में आ गया है तो सामाजिक संकोच के कारण इसे छिपाने के बजाय विशेषज्ञों और चिकित्सकों की सहायता लें। परिवारों को बच्चों के साथ खुलकर संवाद करने की संस्कृति विकसित करनी चाहिए।

उन्होंने योग, ध्यान और समाज के सहयोग को नशे के खिलाफ आंतरिक शक्ति का स्रोत बताया। साथ ही पुनर्वास केंद्रों और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का उपयोग करने की भी सलाह दी। प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि इस अभियान से स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के हजारों छात्र ऑनलाइन जुड़े हैं तथा ‘मायभारत’ के लाखों स्वयंसेवक और एनएसएस के कार्यकर्ता भी इसमें भाग ले रहे हैं। एक करोड़ से अधिक युवा इस अभियान के साथ जुड़े हैं।

प्रधानमंत्री ने शिक्षकों और प्रोफेसरों से भी आग्रह किया कि वे कक्षाओं के साथ छात्रों से ड्रग्स के दुष्प्रभावों पर नियमित संवाद करें और शिक्षण संस्थानों में नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाएं।

उन्होंने कहा कि सरकार नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। पहले की तुलना में कई गुना अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं और हजारों करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की गई है, जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से कहा कि वे नशे से दूर रहकर अपनी क्षमता, ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए करें। उन्होंने कहा कि ड्रग्स क्षणिक उत्साह दे सकते हैं, लेकिन उनके दुष्परिणाम जीवन, करियर और परिवार पर लंबे समय तक असर डालते हैं। इसलिए नशामुक्त जीवन ही सफल जीवन और विकसित भारत की आधारशिला है।