हर हिन्दू को संगठित व भविष्य के खतरे से सचेत करना होगा – स्वामी परमानंद जी
महाकुम्भ नगर। महामण्डलेश्वर स्वामी परमानन्द जी महाराज ने कहा कि आजादी के बाद जो सरकार हमें मिली राजनीतिक कारणों से हिन्दू विरोधी शक्तियों को उससे ताकत मिली। कांग्रेस की सरकार में हिन्दुओं की मान्यताएं कमजोर हुईं। आज भी कुछ राज्यों में ऐसी सरकारें हैं जो हिन्दू मान्यताओं और मांगों को ठुकराती हैं, लोगों को बरगलाती हैं। इसलिए हमको राजनीतिक लोगों से भी सजग रहना होगा। वह महाकुम्भ मेला क्षेत्र के विहिप के महाशिविर में आयोजित विहिप प्रन्यासी मण्डल की बैठक में संबोधित कर रहे थे।
स्वामी परमानन्द ने कहा कि संतों की सोच को विश्व हिन्दू परिषद ने जन जागरण कर हिन्दू समाज को सोने नहीं दिया। उसका परिणाम से बहुत सफलताएं मिलीं। ऐसी सरकार मिली जो हमारी बात सुनती है।
उन्होंने कहा कि देश में जब मुगलों व अंग्रेजों का शासन था तो हमारी मान्यताओं और आस्थाओं को कुचला गया। आज प्रजातंत्र में यदि प्रजा की संख्या अच्छी नहीं है, यानि हिन्दुओं की संख्या नहीं है, भारतीय सोच की नहीं है तो वह संख्या नुकसान करेगी। इसलिए एक छोटी पुस्तक तैयार की जाए जो हर हिन्दू को भविष्य के खतरे से सचेत कर सके। हिन्दू की ताकत किसी को नुकसान नहीं पहुंचाती। हिन्दू के पास यदि आणविक शक्ति भी होगी तो गलत प्रयोग नहीं होगा। हिन्दू यदि संगठित रहा तो किसी का नुकसान नहीं करेगा। अपनी भी रक्षा करेगा, दूसरे की भी रक्षा करेगा। जो इस देश में अन्य धर्म के हैं, यदि देश के लिए नुकसान करने वाले नहीं हैं, हमारी संस्कृति के विरोधी नहीं हैं तो उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। पशु पक्षी नुकसान नहीं करते। इनकी भी हमें रक्षा करनी है। जो इस देश को हानि पहुंचाने वाले लोग हैं, उनकी संख्या बढ़ना और रक्षा करने वालों की संख्या घटना देश में अनेक समस्याएं पैदा करता है।
युग पुरुष स्वामी परमानन्द जी महाराज ने कहा कि परिवार नियोजन की जब बात आयी तो जो देशभक्त था उसने परिवार नियोजन अपनाया। देशभक्त परिवार नियोजन कराते हैं और जो देश विरोधी हैं, वह संख्या बढ़ाते हैं। इसलिए हर निर्णय सजगता, सावधानी, भविष्य का ख्याल रखकर करना है।
हम मानव मात्र हैं। मनु की संतान हैं। हमें जागना है और एक रहना है। हम नेक बनें, हम एक बनें। कई लोग एक बनते हैं, लेकिन नेक नहीं बनते। इस युग में समझदार होना बहुत जरूरी है। समझ हो और राष्ट्रहित की सोच हो। हिन्दुस्तान हमारा है, इसकी रक्षा करने योग्य समाज का निर्माण करना हमारा दायित्व है। संतों के संकल्प को लेकर विहिप बड़ी सक्रियता के साथ संगठित होकर कार्य कर रही है। इसलिए जो विहिप के संकल्पों के साथ जुड़ा रहेगा। देश के भविष्य के लिए वह ठीक है।
बौद्ध लामा जोथफेल जोथपा ने विश्व में शांति लाना है तो सनातन व बौद्ध को मिलकर काम करना होगा। यह देश के विकास के लिए व एकता के लिए जरूरी है, विश्व की शांति के लिए भी जरूरी है। आज विश्व के लोग शांति के लिए भारत की ओर देखते हैं। विश्व हिन्दू परिषद देश के करोड़ों लोगों की आशाओं को पूरा करने में सफल रहा है। अयोध्या में रामलला विराजमान हुए हैं। विश्व शांति चाहने वालों के लिए खुशी की बात है। विहिप देश की सनातन परम्परा से जुड़े लोगों को जागरूक करने और विश्व में करुणा, मानवता व शांति चाहने वाले लोगों को जोड़ने में सफल रहा है।