फिरोजाबाद,उत्तर प्रदेश
आज के समय में जहां किसान अधिक पैदावार के लिए रासायनिक खाद का प्रयोग कर रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के किसान रघुवीर सिंह करौलिया जैविक खेती से नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने मेहनत और सही प्रशिक्षण के दम पर कम लागत में अच्छी कमाई का रास्ता चुना और अब दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
रघुवीर सिंह ने करीब सात साल पहले हजरतपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र से वर्मी कंपोस्ट बनाने की ट्रेनिंग ली थी। इसके बाद उन्होंने अपने घर पर ही जैविक खाद तैयार करना शुरू किया। शुरुआत में उन्हें कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन धीरे-धीरे उनका काम सफल होने लगा। उन्होंने केवल 4 हजार रुपये की लागत से यह काम शुरू किया था।
किसान रघुवीर सिंह करौलिया अपने घर की गायों के गोबर और केंचुओं की मदद से जैविक खाद तैयार करते हैं। इसी खाद का प्रयोग कर वे अपने खेतों में बिना किसी रासायनिक खाद के सब्जियां उगाते हैं। उनकी सब्जियां बाजार में अच्छे दामों पर बिकती हैं और इससे उन्हें लाखों की कमाई हो रही है। जैविक खेती में सफलता के लिए उन्हें सम्मान भी मिल चुका है।
रघुवीर सिंह का मानना है कि अगर किसान सही जानकारी और मेहनत के साथ काम करें तो कम लागत में भी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। मेहनत, सही प्रशिक्षण और प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर खेती को लाभ का मजबूत साधन बनाया जा सकता है।



