देशहित में सामूहिक संकल्पों का आह्वान, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर प्रधानमंत्री का जोर
नई दिल्ली : 10 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रहित, स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय चुनौतियों का काल है और ऐसे समय में हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह देशहित को सर्वोपरि रखते हुए छोटे-छोटे संकल्प लेकर उनका ईमानदारी से पालन करे।
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए लोगों से पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध है वहां नागरिकों को निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का उपयोग करना चाहिए तथा कार पूलिंग को अपनाना चाहिए। साथ ही सामान की ढुलाई के लिए रेलवे सेवाओं को प्राथमिकता देने की बात भी कही।
उन्होंने कोरोना काल में अपनाई गई ऑनलाइन मीटिंग और वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था को फिर से बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। प्रधानमंत्री ने मध्यम वर्ग में बढ़ती विदेशी पर्यटन की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए लोगों से कम से कम एक वर्ष तक विदेश यात्राओं को टालने का आग्रह किया।
संबोधन में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए विदेशी उत्पादों के बजाय भारतीय वस्तुओं को अपनाने पर बल दिया गया। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वर्षभर तक पारिवारिक कार्यक्रमों में सोने के गहनों की खरीद से बचें और जूते, बैग, पर्स जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं में भी स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें।
खेती और पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने रासायनिक उर्वरकों की खपत को 25 से 50 प्रतिशत तक कम करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने खेतों में डीजल पंप की जगह सोलर पंप के उपयोग को बढ़ाने का भी आग्रह किया।
स्वास्थ्य और राष्ट्रहित को जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से खाने में तेल का कम उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे देश की विदेशी मुद्रा की बचत होगी और लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।
संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।



