अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
खेलों के मैदान में जब भारत का तिरंगा शान से लहराता है, तो
पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के एक छोटे
से गांव के बेटे ने अपनी मेहनत, लगन और शानदार प्रदर्शन से ऐसा ही
गौरवपूर्ण पल देश को दिया है।
जी हां, यूपी के अलीगढ़ की अतरौली तहसील के सिरसा गांव के रहने वाले
गुलवीर सिंह ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुष 10,000
मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने 27
मिनट 49.78 सेकंड का समय लेकर यह शानदार उपलब्धि अपने नाम की।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में
पुरुष 10,000 मीटर स्पर्धा में भारत का यह पहला पदक
माना जा रहा है। जैसे ही यह खुशखबरी सिरसा गांव पहुंची, पूरे
गांव में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटीं और एक-दूसरे को बधाई
देकर अपनी खुशी साझा की।
ग्रामीणों का कहना है कि गुलवीर सिंह ने कठिन मेहनत, अनुशासन
और लगातार अभ्यास के दम पर यह मुकाम प्राप्त किया है। उनकी सफलता आज गांव ही नहीं, बल्कि
पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
बता दें, गुलवीर सिंह भारतीय सेना की प्रतिष्ठित द ग्रेनेडियर्स
रेजिमेंट में जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) के पद पर तैनात
हैं। सेना की जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने खेलों में भी लगातार शानदार
प्रदर्शन किया है। वह एशियन चैंपियनशिप, एशियन गेम्स
सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
इससे पहले वर्ष 2025 में भी गुलवीर सिंह ने 5,000 मीटर दौड़ 13 मिनट से कम समय में पूरी कर नया कीर्तिमान बनाया था। वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय धावक बने थे। उनकी लगातार सफलताएं यह सिद्ध करती हैं कि भारतीय एथलेटिक्स लंबी दूरी की दौड़ में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है। सिरसा गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करने वाले गुलवीर सिंह की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अलीगढ़, पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और देश गर्व महसूस कर रहा है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और देश के लिए सम्मान का प्रतीक है।



