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हिन्दू संस्कृति ने सदैव विश्व को सत्य, उदारता और अहिंसा का मार्ग दिखाया है – रामलाल जी

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 कानपुर

कानपुर दक्षिण जिले के माधव नगर स्थित हरदेव नगर (कर्रही) बस्ती में आयोजित ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल जी ने कहा कि हिन्दू संस्कृति ने सदैव विश्व को सत्य, उदारता और अहिंसा का मार्ग दिखाया है। जब तक हम अपनी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से जुड़े रहे, भारत ‘सोने की चिड़िया’ कहलाता रहा, किंतु जाति, भाषा और पंथों में बंटने के कारण हमें एक हजार वर्ष की गुलामी का दंश झेलना पड़ा। अब समय आ गया है कि हिन्दू समाज संगठित होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।

रामलाल जी ने कहा कि आज हम गुरु तेग बहादुर, महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और महारानी अहिल्याबाई होलकर जैसे महान बलिदानियों के कारण जीवित हैं। संघ का मूल कार्य सामान्य व्यक्ति के भीतर इसी देशभक्ति को जाग्रत करना है।

उन्होंने वैश्विक संदर्भ देते हुए कहा कि हिन्दू धर्म सहिष्णु है और विश्व कल्याण की कामना करता है। जहाँ कुछ विचारधाराएं धर्म न मानने पर हिंसा का सहारा लेती हैं, वहीं भारत ने कोरोना काल में दुनिया के 100 देशों को वैक्सीन भेजकर अपनी वसुधैव कुटुंबकम की भावना का परिचय दिया। उन्होंने आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों को संस्कारवान बनाएं ताकि वे ‘लव जिहाद’ जैसी साजिशों का शिकार न हों। बच्चों को संघ की शाखाओं में भेजने पर बल दिया ताकि नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति और अच्छे संस्कार विकसित हों।

रामलाल जी ने कहा कि समाज के अस्तित्व के लिए नई पीढ़ी का होना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने ‘पंच-परिवर्तन’ : पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन (पारिवारिक मूल्य, सामाजिक समरसता. स्वदेशी का उपयोग व नागरिक कर्तव्यों के निर्वहन पर बल दिया।

कार्यक्रम में धर्माचार्य प्रमुख मधुर जी महाराज ने पाँच माताओं – पृथ्वी, गऊ, भारत माता, गंगा और तुलसी माता की सेवा का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पीताम्बरा समूह के अध्यक्ष विशाल सिंह यादव जी ने की। विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत सेवानिवृत्त चौकी इंचार्ज अमृतलाल जी एवं माता विद्यावती राम अवतार महाविद्यालय की प्रबंधिका रेखा पाल जी उपस्थित रहीं।