आगरा, उत्तर
प्रदेश
विश्व भर में
होम्योपैथी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इसी वजह से कई देशों से चिकित्सक
होम्योपैथी सीखने के लिए आगरा आ रहे हैं। इस पद्धति पर लगातार शोध हो रहे हैं और
यह पूरी तरह विज्ञान पर आधारित इलाज है। ये बातें सुप्रीम कोर्ट के जज जे.के.
माहेश्वरी ने कहीं।
बता दें, होम्योपैथिक
रिसर्च सेंटर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान विदेशी चिकित्सकों को
प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि
विदेशी डॉक्टर अपनी आंखों के सामने मरीजों पर दवाओं का असर देख रहे हैं, जिससे वे काफी प्रेरित हो रहे हैं। महात्मा
गांधी भी होम्योपैथी को एक सरल और सहज उपचार पद्धति मानते थे।
उन्होंने बताया
कि डॉ. आरएस पारीक ने विदेशों में जाकर होम्योपैथी का प्रचार-प्रसार किया और
विदेशी चिकित्सकों के बीच इसके प्रति रुचि पैदा की। उनके इसी योगदान के लिए वर्ष 2024 में डॉ. आरएस पारीक को राष्ट्रपति द्रौपदी
मुर्मू द्वारा पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया।
इस अवसर पर डॉ.
नीतिका पारीक ने कहा कि आज के समय में मोबाइल और लैपटॉप पढ़ाई के अहम साधन बन गए
हैं। अभिभावक बच्चों को इनसे दूर नहीं रख पा रहे हैं, जिससे बच्चों में चिड़चिड़ापन, जिद और गुस्से जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। यह समाज के लिए
चिंता का विषय है।
कार्यक्रम में
डॉ. आरएस पारीक ने होम्योपैथिक दवाओं और उनके सही प्रयोग की जानकारी दी। कार्यक्रम
का संचालन डॉ. आलोक पारीक ने किया। इस मौके पर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार, डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मृत्युंजय श्रीवास्तव
सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



