देहरादून, उत्तराखण्ड
चारधाम यात्रा शुरू
होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी देश-विदेश से बड़ी
संख्या में श्रद्धालु उत्तराखण्ड पहुंचने वाले हैं। इसे देखते हुए सरकार और
प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी
कर ली हैं।
जानकारी के अनुसार, चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी। इस दिन गंगोत्री और
यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट
श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
यात्रा को लेकर लोगों
में काफी उत्साह देखा जा रहा है। हर दिन करीब 30 हजार लोग रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। अब तक
कुल पंजीकरण 13.5 लाख
से ज्यादा हो चुका है, जो
एक नया रिकॉर्ड है। मुख्य
सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को किसी भी
तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूरे मार्ग
को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। हर 10 किलोमीटर पर पुलिस तैनात रहेगी। भूस्खलन
की समस्या से निपटने के लिए 57 संवेदनशील
जगहों पर जेसीबी मशीनें 24 घंटे
तैयार रहेंगी। जाम से बचाने के लिए रास्ते में बड़े होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं,
जहां रुकने और खाने की सुविधा मिलेगी।
इस बार केदारनाथ और
बदरीनाथ में नए अस्पताल भी शुरू किए जाएंगे। डॉक्टर 15-15 दिन की ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। 60
साल से अधिक उम्र के श्रद्धालुओं के लिए
हेल्थ चेकअप जरूरी किया गया है।
यात्रियों को “सचेत ऐप” डाउनलोड करना जरूरी होगा, जिससे उन्हें मौसम और रास्ते की जानकारी
मिलती रहेगी। साथ ही एसएमएस के जरिए भी अपडेट दिए जाएंगे।
आपदा की स्थिति में हेलीकॉप्टर सेवा भी
उपलब्ध रहेगी। साथ ही सभी वाहनों की
जांच जरूरी होगी ताकि रास्ते में खराबी के कारण जाम न लगे। यात्रा मार्ग पर पेट्रोल, डीजल, गैस और अन्य जरूरी चीजों की सप्लाई भी
सुनिश्चित की गई है।
कुल मिलाकर इस बार
चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित
और सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार ने विशेष तैयारी की है। बढ़ती संख्या को देखते
हुए उम्मीद है कि इस साल यात्रा नया रिकॉर्ड बना सकती है।