भीनमाल (जालौर)।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जोधपुर प्रांत के ‘संघ शिक्षा वर्ग सामान्य (महाविद्यालय विद्यार्थी एवं तरुण व्यवसायी)’ का शुभारंभ शुक्रवार, २२ मई २०२६ को हुआ। यह वर्ग महाकवि माघ व प्रसिद्ध गणितज्ञ ब्रह्मगुप्त की नगरी भीनमाल की पावन धरा पर, रानीवाड़ा रोड स्थित आदर्श विद्या मंदिर परिसर में भूमि पूजन एवं यज्ञ के साथ प्रारंभ हुआ। संतों के सान्निध्य और आशीर्वचन के पूर्व, मंच पर भारत माता के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की गई।
उद्घाटन सत्र में पूज्य संत श्री दिव्यस्वरूपदास जी स्वामी (स्वामीनारायण गुरुकुल, भीनमाल) का पावन आशीर्वचन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर मंच पर वर्ग के सर्वाधिकारी व सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी रामधन जी (धोरीमन्ना) ने स्वामी जी को शॉल ओढ़ाकर एवं श्रीफल अर्पित कर स्वागत किया।

जीवन को राष्ट्रहित में समर्पित करने का अनूठा प्रशिक्षण
पूज्य स्वामी श्री दिव्यस्वरूपदास जी ने स्वयंसेवकों को पावन अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) के महत्व का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि इस पवित्र कालखंड में स्वयंसेवक राष्ट्र की सेवा के लिए अपने जीवन को समर्पित करने और समाज को अपने हिस्से का श्रेष्ठ समय देने का संकल्प लेकर वर्ग में आए हैं। हिन्दू समाज को एकात्म करना और समाज में अपनापन व कुशल व्यवहार जागृत करना आज समय की महती आवश्यकता है।

स्वामी जी ने अपने जीवन के संस्मरण साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं अपने यौवन के ५ वर्ष संघ कार्य को समर्पित किए थे। संगठन में अनुशासन और शुचिता की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि जिस प्रकार जीवन की तार्किकता मर्यादाओं से बंधी होती है, उसी प्रकार संघ का अनुशासन ही कार्यकर्ता को गढ़ता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ग से प्रशिक्षण प्राप्त कर निकलने वाले युवाओं में एक विशेष सांगठनिक शक्ति, ऊर्जा और राष्ट्र-समाज को परखने की दिव्य दृष्टि जागृत होगी।
इस १५ दिवसीय आवासीय संघ शिक्षा वर्ग में जोधपुर प्रांत के सभी ७ विभागों और २१ जिलों के २७० शिक्षार्थी, ३५ शिक्षक तथा ४७ प्रबंधक सहभागी हो रहे हैं।