उत्तरकाशी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उत्तरकाशी नगर में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री सुनील जी (प्रांत शारीरिक प्रमुख) उपस्थित रहे। उन्होंने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को उत्कृष्ट बनाने के लिए आपसी द्वेष भावना नहीं होनी चाहिए। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होने की आवश्यकता है, जिससे हिन्दू समाज जागृत हो सके। उन्होंने “एक शमशान, एक मंदिर, एक कुआँ” की परिकल्पना पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री प्रेम सिंह पवार जी ने की। इस गोष्ठी में लगभग 150 प्रमुख जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए, जिनमें प्रशासनिक अधिकारी, डॉक्टर, वकील, पत्रकार, कृषक, समूह प्रमुख, वरिष्ठ शिक्षक, इंजीनियर, होटल व्यवसायी और महिला समूह प्रमुख आदि शामिल थे।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों में गुलाब नेगी जी (विभाग संघचालक), श्री हिमांशु जी (जिला संघचालक), अजय जी (विभाग प्रचारक), मोहन कुमाई जी (विभाग शारीरिक प्रमुख), देवी प्रसाद जी (सह विभाग शारीरिक प्रमुख), गौतम जी (जिला प्रचारक), कमलेश्वर रतूड़ी जी (जिला कार्यावह), मनोज वर्मा जी (जिला व्यवस्था प्रमुख), डॉ. जगदीश (जिला विद्यार्थी प्रमुख), अनूप जी (जिला प्रचार प्रमुख), अरविन्द रावत जी (जिला परिवार प्रबोधन प्रमुख), अजीत जी (सह व्यवस्था प्रमुख), संदीप जी, राजबीर जी, जीतेन्द्र जी और विनय जी आदि लोग उपस्थित रहें।



