हरिद्वार, उत्तराखण्ड
हरिद्वार में कांवड़ मेला–2026 के दौरान
स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम हरिद्वार
ने एक अनोखी पहल शुरू की है। इस पहल के तहत श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों से
प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक पॉलीथीन लेकर उन्हें निःशुल्क कम्पोस्टेबल बैग दिए
जा रहे हैं, ताकि वे पर्यावरण के अनुकूल विकल्प का उपयोग कर सकें।
बता दें, नगर आयुक्त श्री नंदन कुमार के निर्देश पर कांवड़ मार्गों
और प्रमुख घाटों पर नगर निगम की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। टीम श्रद्धालुओं
को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक भी कर रही है। लोगों को बताया जा
रहा है कि सिंगल यूज प्लास्टिक लंबे समय तक नष्ट नहीं होती, जिससे
मिट्टी, नदियों और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। प्लास्टिक से
नालियां जाम होती हैं, जल स्रोत प्रदूषित होते हैं और
पशु-पक्षियों और जलीय जीवों के जीवन पर भी खतरा बढ़ता है।
नगर निगम का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल पॉलीथीन बदलना
नहीं, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। नियमों
के अनुसार प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक रखने पर 100 रुपये तक का
जुर्माना लगाया जा सकता है, लेकिन कांवड़ मेले के दौरान नगर निगम
ने दंड के बजाय जागरूकता और सहयोग का रास्ता चुना है।
यह पहल उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के सिंगल
यूज प्लास्टिक मुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प से भी जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने जूट
और कपड़े के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने और प्लास्टिक के खिलाफ जनभागीदारी
बढ़ाने का आह्वान किया है।
अभियान के दौरान उप नगर आयुक्त श्री दीपक गोस्वामी, मुख्य
सफाई निरीक्षक श्री संजय शर्मा, सफाई निरीक्षक श्री अनिल कुमार, डेवलपमेंट
अल्टरनेटिव्स की प्रतिनिधि सुश्री अलका सिंह और नगर निगम की स्वच्छता टीम सक्रिय
रूप से मौजूद रही। टीम ने श्रद्धालुओं से संवाद कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण की शपथ
भी दिलाई।
श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा
कि केवल चालान करने के बजाय पर्यावरण के अनुकूल बैग उपलब्ध कराना एक सकारात्मक और
प्रेरणादायक कदम है। इससे लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी
और भविष्य में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी आएगी।
वही नगर निगम हरिद्वार का मानना है कि जनसहभागिता, जागरूकता
और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों के माध्यम से ही प्लास्टिक प्रदूषण को प्रभावी ढंग से
कम किया जा सकता है। ‘प्लास्टिक एक्सचेंज अभियान’ इसी सोच का परिणाम है, जो
हरिद्वार को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध
हो रहा है।



