हरिद्वार, उत्तराखण्ड
सावन के पावन महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था, श्रद्धा, अनुशासन और सेवा भाव का प्रतीक है। देशभर से लाखों शिवभक्त हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों की ओर प्रस्थान करते हैं। श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित रहे, इसके लिए उत्तराखण्ड सरकार और पुलिस प्रशासन ने कांवड़ मेला 2026 की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
इसी क्रम में उत्तराखण्ड पुलिस ने हरिद्वार में कांवड़ मेले को लेकर विशेष ब्रीफिंग आयोजित की। इसमें गढ़वाल और कुमाऊं रेंज से आए पुलिस बल, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान शामिल हुए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह ने सभी अधिकारियों और जवानों को पूरी निष्ठा, संयम और सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। जवानों ने भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सेवा के लिए पूरी जिम्मेदारी से कार्य करने का संकल्प लिया।
मजबूत सुरक्षा व्यवस्था
कांवड़ मेले के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए
रखने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 18
सुपर जोन, 40 जोन और 141
सेक्टरों में बांटा गया है। हर क्षेत्र में एसपी से लेकर कांस्टेबल स्तर तक के
अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहेंगे।
इस बार मेले की सुरक्षा के लिए 6,000 से अधिक पुलिस जवानों के साथ पैरामिलिट्री फोर्स की 13 कंपनियां भी तैनात रहेंगी। मेला क्षेत्र की निगरानी और संचालन के लिए एसपी सिटी को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी एसपी देहात संभालेंगे। यातायात और रूट डायवर्जन की व्यवस्था की कमान एसपी क्राइम/ट्रैफिक निशा यादव के पास रहेगी।
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए इस बार आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। पूरे मेला क्षेत्र और संवेदनशील मार्गों पर 10 ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही सभी प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे। व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने के लिए स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स (एसपीओ) भी पुलिस के साथ मिलकर मेले के संचालन में सहयोग करेंगे।
श्रद्धालुओं और जवानों दोनों का रखा जाएगा ध्यान
कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में कई 24×7 पुलिस सहायता केंद्र बनाए गए हैं। यहां पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम हर समय उपलब्ध रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। वहीं लगातार ड्यूटी कर रहे पुलिस जवानों के लिए भी विशेष पुलिस वेलफेयर टीम बनाई गई है। यह टीम ड्यूटी स्थल पर ही भोजन, स्वच्छ पेयजल, रेनकोट और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। उत्तराखण्ड पुलिस का लक्ष्य है कि कांवड़ मेला 2026 श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बने, ताकि हर शिवभक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर सके।



