लखनऊ, उत्तर प्रदेश
सावन का पावन महीना भगवान शिव की भक्ति और आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं और गंगाजल लाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। श्रद्धालुओं की इसी आस्था का सम्मान करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने की व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जी हां, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ यात्रा में शामिल हर श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली शराब और मांस की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए। साथ ही सभी दुकानों और रेस्टोरेंट के बाहर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से लिखने को कहा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। खाद्य सामग्री में मिलावट करने या तय कीमत से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।
साथ ही कांवड़ यात्रा और आने वाले त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा की व्यवस्था ऐसी हो कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को खुद लगातार गश्त करने और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ की निर्धारित ऊंचाई का पालन सुनिश्चित कराने के लिए उत्तर प्रदेश के अधिकारी हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें। स्थानीय प्रशासन कांवड़ संघों और शिविर संचालकों से नियमित संवाद रखे तथा शिविरों का सत्यापन समय पर पूरा किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जहां सड़कें खराब हैं, उनकी जल्द मरम्मत कराई जाए। पूरे कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त रोशनी, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहें। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित चेंजिंग रूम बनाए जाएं। स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी के साथ रहे और चिकित्सा शिविरों में एंटी वेनम और एंटी रैबीज इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फर्जी खबरों का तुरंत खण्डन करने के साथ अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कहीं भी सुरक्षा और सुविधाओं के
स्तर में अंतर नहीं होना चाहिए। मेरठ जोन की कार्ययोजना को पूरे प्रदेश में लागू
किया जाए, ताकि हर जिले में कांवड़ यात्रा का
संचालन एक समान और बेहतर तरीके से हो सके। साथ ही बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों
पर अतिरिक्त सुरक्षा, संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में
पूरी तैयारी और वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न
होने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।



