बरेली, उत्तर प्रदेश
राशन की दुकान पर अनाज नहीं, नफरत बांटी जा
रही थी। उत्तर प्रदेश के बरेली में एक ऐसा नफरती चेहरा बेनकाब हुआ है, जिसने
सरकारी राशन को अपनी गुंडगर्दी का माध्यम बना लिया। कानून को चुनौती देने वाले इन
उन्मादियों को न जाने किस बात की हेकड़ी थी।
मामला बरेली के भुता थाना क्षेत्र के केसरपुर गांव का है। जब गरीब
पीड़ित भगवन शरण अपना हक यानी राशन लेने पहुंचे, तो कोटेदार बाबू
खां के बेटे आदिल अंसारी का नफरती चेहरा सामने आया। आदिल ने न केवल हिन्दुओं को
राशन देने से साफ मना किया, बल्कि सीना ठोककर गुंडागर्दी की और देश
के प्रधानमंत्री पर भी अभद्र टिप्पणी कर दी।
लेकिन यह भूल गए थे कि ये 'नया उत्तर
प्रदेश' है। यहाँ नफरत की दुकान चलाने वालों का अहंकार मिनटों में टूटता है।
वीडियो वायरल होते ही जिला पुलिस एक्शन में आई। जो आदिल शेर बन रहा था, वो
ट्यूबवेल में छिपा मिला। मटकापुर नहर के पास से गिरफ्तार कर जब कानून की गाड़ी में
बिठाया गया, तो आदिल गिड़गिड़ाने लगा।
पूर्ति विभाग ने राशन दुकान सील कर खाद्यान्न जब्त कर लिया है। पुलिस
ने आईटी एक्ट की धाराएं बढ़ाकर आरोपी आदिल को कोर्ट में पेश किया, जहां
से उसे सीधे जेल भेज दिया गया है।
यह घटना एक बड़ा सबक है, जो लोग सोचते हैं कि वे धर्म या नफरत के नाम पर किसी का हक मार लेंगे या देश के संविधान को चुनौती देंगे, उनका अंजाम जेल की सलाखें ही होंगी। अपने अधिकारों को पहचानो, ऐसी घटिया और नफरती सोच के खिलाफ तुरंत आवाज उठाओ और इन्हें कानून की ताकत याद दिलाओ।



