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नोएडा की छात्रा ने बनाई स्मार्ट व्हीलचेयर

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नोएडा, उत्तर प्रदेश

तकनीक और नवाचार के दौर में युवा नए-नए प्रयोग कर समाज की समस्याओं का समाधान खोज रहे हैं। नोएडा की एक छात्रा ने ऐसी ही अनोखी पहल करते हुए स्मार्ट व्हीलचेयर तैयार की है, जो चलने के साथ-साथ आराम करने की सुविधा भी देती है। बता दें दीपिका शर्मा ने एक स्मार्ट व्हीलचेयर बनाई है। यह व्हीलचेयर केवल चलने-फिरने के लिए ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर बेड में भी बदल जाती है। इसे भारतीय सड़कों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, ताकि दिव्यांगजन इसे आसानी से प्रयोग कर सकें।

दीपिका की यह व्हीलचेयर रोबोटिक्स और कोडिंग (एम्बेडेड C) पर आधारित 4-इन-1 मॉडल है। इसे मैनुअल व्हीलचेयर, मूविंग बेड, ट्रॉली और मोटराइज्ड सोलर व्हीलचेयर के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। यानी उपयोगकर्ता इससे कहीं भी जा सकता है और थकान होने पर इसे तुरंत बेड में बदलकर आराम भी कर सकता है।साथ ही इस व्हीलचेयर में सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल है और बिजली की जरूरत भी कम पड़ती है। सोलर सिस्टम से फैन, लाइट और मोबाइल चार्जर जैसी सुविधाएं भी चलाई जा सकती हैं।

सुरक्षा के लिए इसमें जीएसएम और जीपीएस मॉड्यूल लगाए गए हैं। किसी आपात स्थिति में एक बटन दबाते ही परिवार, पुलिस या अस्पताल तक लोकेशन और कॉल पहुंच सकती है। इसके अलावा इसमें मेडिसिन रिमाइंडर सिस्टम, फॉग लाइट और हॉर्न जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। बारिश होने पर रेन सेंसर अपने-आप छाता खोल देता है, जिससे उपयोगकर्ता भीगने से बच जाता है।

इस व्हीलचेयर में प्रतिदिन की जरूरतों का भी ध्यान रखा गया है। इसमें छोटा डस्टबिन, एडवांस लंच बॉक्स और पानी की बोतल रखने की जगह है, जिससे भोजन और पानी को गर्म या ठंडा रखा जा सकता है। गर्मी से बचाने के लिए इसमें एल्युमिनियम शीट का प्रयोग किया गया है। दीपिका पिछले दो-तीन साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। उन्होंने यह काम तब शुरू किया था, जब वह गाजियाबाद के जीजीआईसी में 12वीं की पढ़ाई कर रही थीं। उनकी क्लास टीचर प्रियंका जाखड़ ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में उनका मार्गदर्शन किया। करीब 4 से 5 हजार रुपये की लागत से बने इस मॉडल को जिला और राष्ट्रीय स्तर पर कई मंचों पर सराहना और पुरस्कार मिल चुके हैं।